मध्य प्रदेश के चावल घोटाले के तार 3 राज्यों से जुड़े, 14 राइस मिलों पर गिरी गाज

मध्य प्रदेश के 1160 करोड़ रुपये के फोर्टिफाइड चावल घोटाले में SIT ने पूर्व मंत्री रामकिशोर कावरे के भाई और भतीजे से पूछताछ की है। 3 राज्यों की 14 राइस मिलें जांच के घेरे में हैं।

Jul 25, 2026 - 19:16
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मध्य प्रदेश के चावल घोटाले के तार 3 राज्यों से जुड़े, 14 राइस मिलों पर गिरी गाज

भोपाल: मध्य प्रदेश के बहुचर्चित 1160 करोड़ रुपये के फोर्टिफाइड चावल घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है। एसआईटी (SIT) ने पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामकिशोर कावरे के बड़े भाई कुमार कावरे और भतीजे अविनाश कावरे से लंबी पूछताछ की है। जबकि परिवार से जुड़ी 'हर्ष राइस इंडस्ट्री' के बिजनेस पार्टनर विनोद शर्मा की गिरफ्तारी 24 जुलाई को हो चुकी है। अब तक की जांच में सामने आए दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और भुगतान की पड़ताल करने पर पता चला कि इसके तार सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की राइस मिलों तक फैले हुए हैं।

⚖️ पूर्व मंत्री के परिवार पर जांच का शिकंजा

बता दें कि इस मामले में एसआईटी ने बुधवार रात कुमार कावरे और अविनाश कावरे से कई घंटों तक पूछताछ की। जांच एजेंसी ने हर्ष राइस इंडस्ट्री से जुड़े दस्तावेज, डीवीआर (DVR) और अन्य रिकार्ड भी जब्त किए हैं। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ का केंद्र एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए आवंटित सरकारी फोर्टिफाइड चावल की कथित हेराफेरी रही है। हालांकि, इस मामले में कावरे परिवार से जुड़े कारोबारी विनोद शर्मा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

📹 सीसीटीवी और दस्तावेजों से मिले अहम सुराग

जांच में एसआईटी को ऐसे सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनमें एवीजे एथेनॉल प्लांट के लिए जारी सरकारी चावल का ट्रक हर्ष राइस इंडस्ट्री पहुंचता दिखाई दे रहा है। पुलिस के अनुसार, मिल के रिकार्ड रजिस्टर में भी ट्रक की एंट्री दर्ज मिली है। इन साक्ष्यों के आधार पर जांच एजेंसी ने हर्ष राइस इंडस्ट्री को पूरे मामले का महत्वपूर्ण केंद्र मानते हुए अपनी जांच तेज कर दी है।

🏭 तीन राज्यों के 14 राइस मिलर जांच के घेरे में

इस घोटाले के तार अब मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ तक जुड़ चुके हैं। एसआईटी की जांच में तीनों राज्यों के 14 राइस मिल संचालकों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें बालाघाट की सात, सिवनी की तीन, महाराष्ट्र के गोंदिया की तीन और छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव की एक राइस मिल शामिल है। जांच अधिकारियों का मानना है कि एथेनॉल प्लांट के नाम पर जारी सरकारी चावल इन मिलों तक पहुंचाया गया।

💰 1100 करोड़ से अधिक के चावल की हेराफेरी की आशंका

जांच एजेंसियों का अनुमान है कि प्रदेश के 17 जिलों में संचालित 22 एथेनॉल प्लांटों के लिए आवंटित करीब 1100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का फोर्टिफाइड चावल राइस मिलों में खपाया गया। एफसीआई (FCI) और नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी एसआईटी के साथ मिलकर ऑनलाइन और ऑफलाइन भुगतान की जांच कर रहे हैं। शुरुआती पड़ताल में भुगतान की कई कड़ियां छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एथेनॉल प्लांट से जुड़ी मिली हैं।

🚫 14 राइस मिलों को धान वितरण रोकने के निर्देश

जांच में सामने आए तथ्यों के बाद बालाघाट कलेक्टर के निर्देश पर एफसीआई और नागरिक आपूर्ति निगम ने भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र भेजकर 14 संदिग्ध राइस मिलों को धान का आवंटन रोकने की सिफारिश की है। ऐसे में माना जा रहा है कि जांच पूरी होने तक इन मिलों पर निगरानी और सख्त की जाएगी।

🚔 50 दिन की जांच के बाद 12 आरोपी गिरफ्तार

बता दें कि तीन जून को 242 क्विंटल सरकारी फोर्टिफाइड चावल से भरे ट्रक के पकड़े जाने के बाद सामने आए इस मामले की जांच पिछले करीब 50 दिनों से जारी है। अब तक 18 प्रभावशाली लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है, जिनमें से 12 की गिरफ्तारी हो चुकी है। एसआईटी का कहना है कि दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेनदेन की जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित घोटाले में और बड़े खुलासे के साथ कई रसूखदारों की गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।

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