ग्वालियर बस स्टैंड पर अव्यवस्थाओं का अंबार, गंदगी और बदबू के बीच बैठने को मजबूर मुसाफिर
ग्वालियर के चंद्रबदनी नाका स्थित झाँसी रोड बस स्टैंड पर जनसुविधाओं का भारी अभाव है। गंदगी, बदबू और उमस के बीच मुसाफिर भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
ग्वालियर: मध्य प्रदेश सरकार जल्द ही प्रदेश में एक बार फिर सरकारी बसों का दौर लाने की तैयारी कर रही है। सरकारी बस शुरू होने से यात्रियों पर किराये का बोझ कम होगा। लेकिन अधिक किराये के अलावा भी यात्रियों को कई अन्य मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदेश के दतिया, शिवपुरी, अशोक नगर, इंदौर और उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के लिए बसों का आवागमन चंद्रबदनी नाका स्थित झाँसी रोड बस स्टैंड से होता है। यहाँ बस स्टैंड पर जनसुविधाओं का सीधा अभाव लोगों को झेलना पड़ रहा है।
🥵 भीषण उमस में शोपीस बने पंखे
बरसात और उमस के बीच कुछ लोग एक टीनशेड वाले बस स्टैंड के खुले प्रतीक्षालय में बैठे थे, जहाँ हर तरफ गंदगी पसरी थी। इस वेटिंग एरिया में पानी और हवा की कोई व्यवस्था नहीं थी। बस स्टैंड में पंखे तो 6 लगे थे, लेकिन सभी के बिजली के तार कटे हुए थे।
🗑️ गंदगी में बैठने को मजबूर यात्री
ग्वालियर से टीकमगढ़ जाने के लिए दो घंटे से प्रतीक्षालय में बैठी बुजुर्ग राजाबेटी ने बताया, "मैं अपने घर टीकमगढ़ जा रही हूँ। बस स्टैंड पर काफी गंदगी है। बरसात की वजह से जगह-जगह कीचड़ हो गई है। अब बस से उतरने की भी स्थिति नहीं बन रही है। स्टैंड में लगे पंखे भी शोपीस की तरह टंगे हुए हैं।"
🤢 बदबू और गंदगी से बेहाल स्टैंड
अपने 3 बच्चों को लेकर उत्तर प्रदेश के चीनोर जा रहे पिंटू ने बताया, "बस स्टैंड पर अव्यवस्थाएं बहुत हैं। काफी दिक्कतें हैं। यहाँ पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है। छोटे बच्चों को पिलाने के लिए पानी की बॉटल खरीदनी पड़ रही है। बारिश के बाद उमस भी बढ़ गई है। यहाँ लगे पंखे भी नहीं चल रहे हैं। यहाँ हर तरफ गंदगी दिखाई दे रही है और काफी तेज बदबू है।"
🛠️ अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा
स्टैंड की बदहाल स्थिति पर जिला परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह कंग ने कहा, "हम मामले की जांच कराएंगे। लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए शासन और परिवहन विभाग तत्पर है। कहीं कोई गंदगी है, तो इसको जल्द ठीक कराया जाएगा।"
🏢 आईएसबीटी का संचालन भी बना चुनौती
ग्वालियर में अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन न ही यात्री और न ही बस ऑपरेटर आईएसबीटी से बसों के संचालन में दिलचस्पी ले रहे हैं। हाल ही में प्रशासन के प्रयास और बस ऑपरेटरों की सहमति पर मुरैना और भिंड रूट पर 10 दिनों के लिए आईएसबीटी से बसों का संचालन ट्रायल किया गया था, लेकिन शहर से दूर होने की वजह से यात्री आईएसबीटी तक नहीं पहुँचे। ऐसे में ग्वालियर अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल से बसों का लगातार संचालन भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुका है।
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