गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने निकाली कलेक्ट्रेट रैली, सांसद बंटी विवेक साहू को दिया 'घुमक्कड़ सांसद' का ताना
छिंदवाड़ा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने छात्रावास के खाने में इल्ली मिलने और स्थानीय समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। सांसद बंटी विवेक साहू पर भी तंज कसा गया है।
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने सोमवार को अपनी विभिन्न मांगों और जनसमस्याओं को लेकर स्थानीय कलेक्ट्रेट तक एक बड़ी रैली निकाली। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने देश के महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा। इस ज्ञापन में एक अनोखी मांग रखते हुए तंज कसा गया और स्थानीय सांसद बंटी विवेक साहू को 'घुमक्कड़ सांसद' का अवॉर्ड दिए जाने की बात कही गई। ज्ञापन के माध्यम से आरोप लगाया गया कि सांसद को आम जनता की बुनियादी परेशानियों पर ध्यान देने की बिल्कुल भी फुर्सत नहीं है। वे कभी मैहर, कभी खंडवा, कभी जाम सांवली तो कभी विदेश दौरों की यात्राओं में व्यस्त हैं, लेकिन अपने ही क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं की सुध लेने के लिए वे मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं।
🐛 आदिवासी छात्रावासों के बच्चों के खाने में मिल रही इल्ली, जिम्मेदार बने हैं मौन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष धन्नू धुर्वे ने मीडिया से चर्चा करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि, ''मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में स्थित आदिवासी छात्रावासों में लाचारी और लापरवाही का दौर लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।''
इसके बावजूद संबंधित जिम्मेदार अधिकारी अपनी आंखें बंद करके बैठे हुए हैं। यही मुख्य वजह है कि इन आवासीय छात्रावासों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता (Food Quality) और बुनियादी सुविधाओं पर लगातार बड़े सवाल उठ रहे हैं। कुछ ही दिन पहले तामिया के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में भोजन के दौरान बच्चों के खाने में कीड़े और इल्लियां मिली थीं, जिसके विरोध में छात्रों ने कड़ा प्रदर्शन कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी।
🍽️ प्रशासनिक लापरवाही के चलते गंदा भोजन खाने को विवश हैं मासूम छात्र
इसी मुख्य मुद्दे को लेकर गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर के रानी दुर्गावती चौक से लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय तक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र मरकाम पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार लिखित और मौखिक शिकायतें करने के बावजूद सहायक आयुक्त की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही के कारण आदिवासी बच्चे मजबूरी में घटिया और गंदा खाना खाने को विवश हो रहे हैं।
⚠️ प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना समाप्त, बड़े आंदोलन की दी गई चेतावनी
मौके पर पहुंचे अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है, लेकिन गोंडवाना पार्टी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में और भी उग्र और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
शिकायतों के मुताबिक, शिक्षकों द्वारा आदिवासी छात्रावासों में बच्चों को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तामिया की घटना कोई पहली इकलौती घटना नहीं है, इससे पहले भी कई बार ऐसी गंभीर शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
📢 7 दिन का अल्टीमेटम, हालात न सुधरने पर होगा जोरदार विरोध प्रदर्शन
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के जिला अध्यक्ष धन्नू धुर्वे ने साफ चेतावनी देते हुए कहा है कि, ''यदि अगले 7 दिनों के भीतर सभी आदिवासी छात्रावासों के हालात नहीं सुधरे, तो पार्टी सभी प्रभावित बच्चों और उनके परिजनों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरेगी और बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।''
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त सत्येंद्र सिंह मरकाम ने बताया कि, ''हमें गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की तरफ से ज्ञापन प्राप्त हो गया है, जिसमें उन्होंने कुल 11 सूत्रीय मांगें रखी हैं। छात्रावास अधीक्षकों को इस संबंध में नोटिस जारी किया जा रहा है और व्यवस्थाओं को तुरंत सुधारने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं।''
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