Chhindwara News: मानसून में बाढ़ का खतरा! छिंदवाड़ा प्रशासन ने चिन्हित किए 99 संवेदनशील गांव, हाई अलर्ट जारी
छिंदवाड़ा में मानसून को लेकर प्रशासन अलर्ट। 99 गांवों को बाढ़ के लिए 'रेड जोन' में रखा गया है। माचागोरा डैम के निचले इलाकों में विशेष निगरानी।
छिंदवाड़ा। पूरे देश में मानसून की चाल धीमी होने और अलनीनो की आशंकाओं के बीच, छिंदवाड़ा जिला प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने जिले के 99 गांवों और 4 शहरी क्षेत्रों को बाढ़ के लिहाज से 'रेड जोन' में रखा है।
📊 माइक्रो-प्लानिंग से आपदा प्रबंधन
प्रशासन ने जिले भर में नदियों के किनारे बसे गांवों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया है। इन क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान होने वाली संभावित बाढ़ से निपटने के लिए एक विस्तृत 'माइक्रो-प्लान' तैयार किया गया है। चौरई और चांद क्षेत्र में स्थित माचागोरा डैम के डाउन स्ट्रीम के 35 गांव सबसे अधिक संवेदनशील माने गए हैं, जहाँ प्रशासन की विशेष नजर है।
📍 संवेदनशील क्षेत्रों का विवरण
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार:
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कुलबेहरा नदी: छिंदवाड़ा (12) और मोहखेड़ (7) तहसील के गांव।
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पेंच नदी: छिंदवाड़ा (2), परासिया (16), अमरवाड़ा (5) और जुन्नारदेव (2) तहसील के गांव।
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कन्हान नदी: जुन्नारदेव (8) और मोहखेड़ (1) तहसील के गांव।
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अन्य: बेल नदी, भैंसदेही और हरण नदी के किनारे बसे गांव भी बाढ़ की दृष्टि से हाई अलर्ट पर हैं।
🛡️ पिछले अनुभव और प्रशासनिक सतर्कता
पिछले वर्ष जिले में सामान्य से 27 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई थी, जिसके चलते प्रशासन इस बार कोई भी जोखिम लेने के मूड में नहीं है। चौरई SDM प्रभात मिश्रा और परासिया तहसीलदार सुनैना ब्रम्हे ने बताया कि नदी-नालों के ओवरफ्लो होने की स्थिति में कोटवार, पंचायत सचिव और रोजगार सहायकों को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य भारी बारिश के दौरान जन-धन की हानि को हर संभव प्रयास से रोकना है।
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