Sanjay Tiger Reserve News: एक साल बाद लौटा 'त्रिशूल', पर्यटकों के सामने आते ही जंगल में मचा रोमांच
संजय टाइगर रिजर्व सीधी में दुर्लभ मेल टाइगर T-67 'त्रिशूल' के दीदार से पर्यटक रोमांचित। एक साल बाद फिर दिखा टाइगर।
सीधी। संजय टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में गुरुवार का दिन पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय रहा। यहाँ लंबे समय से गायब चल रहे मेल टाइगर T-67, जिसे 'त्रिशूल' के नाम से जाना जाता है, अचानक पर्यटकों के सामने आ गया। एक साल के लंबे अंतराल के बाद हुई इस झलक ने सफारी का आनंद ले रहे लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
🌿 शांत स्वभाव का 'त्रिशूल'
अपने शांत स्वभाव के लिए पहचाना जाने वाला 'त्रिशूल' बाघ आमतौर पर लोगों की नजरों से दूर रहता है। गुरुवार को जैसे ही पर्यटकों का वाहन मंडोला बीट की ओर बढ़ा, जंगल में पक्षियों की चहचहाहट ने वन्यजीव की मौजूदगी का संकेत दे दिया। कुछ ही क्षणों में T-67 'त्रिशूल' शान से चलता हुआ दिखाई दिया। पर्यटकों ने लगभग 8 मिनट तक इस भव्य बाघ को बेहद करीब से निहारा।
📈 बाघों की संख्या बढ़ाने में निभाई अहम भूमिका
पर्यटक राम सुमिरन पटेल ने इस अनुभव को अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया। वन अधिकारियों के अनुसार, संजय टाइगर रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के पीछे इस मेल टाइगर का बड़ा योगदान है। 'त्रिशूल' की टेरिटरी मुख्य रूप से मंडोला बीट के आसपास है। डीएफओ राजेश कन्ना टी ने बताया कि हालांकि यह अक्सर घने जंगलों में रहता है, लेकिन मानसून के दौरान पानी के स्रोतों के आसपास इसकी मूवमेंट देखी जाती है।
🌳 वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह
एक साल पहले शावकों के साथ हुई कुछ घटनाओं के कारण चर्चा में रहा 'त्रिशूल' लंबे समय तक दिखाई नहीं दिया था। अब उसकी वापसी ने न केवल वन्यजीव प्रेमियों को उत्साहित किया है, बल्कि संजय टाइगर रिजर्व के प्रति पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ा दिया है। वन विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मानसून के दौरान जंगल की रौनक और अधिक बढ़ेगी।
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