जबलपुर खेतोला बैंक डकैती में बड़ा खुलासा, कटनी वसूली मामला और रतलाम में पशु क्रूरता पर एक्शन
जबलपुर के खेतोला बैंक डकैती मामले में पुलिस ने 14वें आरोपी को दबोच लिया है। इसके अलावा कटनी वसूली कांड और छिंदवाड़ा में खाद्य विभाग की छापेमारी की बड़ी खबरें।
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के जबलपुर के पास स्थित खेतोला में करीब एक साल पहले 11 अगस्त 2025 को एक सनसनीखेज बैंक डकैती की घटना को अंजाम दिया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में बिहार के कुछ शातिर अपराधियों ने जबलपुर के स्थानीय लोगों की मदद से बैंक से लगभग 15 किलोग्राम सोना लूट लिया था। अब इस मामले में जबलपुर पुलिस ने एक और नई गिरफ्तारी करते हुए शिकंजा कसा है। पुलिस इस पूरे मामले में अब तक कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, और उनके पास से करीब 7 किलोग्राम 800 ग्राम सोना भी बरामद किया जा चुका है, हालांकि अभी भी लगभग 7 किलो सोने का रहस्य बरकरार है।
💰 ठीक एक साल पहले बैंक से लूटा गया था 15 किलो सोना
जबलपुर जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर स्थित खेतोला में 'इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक' में यह बड़ी बैंक डकैती हुई थी। यह बैंक मुख्य रूप से सोना गिरवी रखकर उस पर ब्याज पर पैसे देने का काम करता था। जिस ग्रामीण इलाके में यह बैंक स्थित है, वहां की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से खेती पर आधारित है, इसलिए किसानों द्वारा आपातकाल में सोना गिरवी रखकर पैसे लेना वहां एक आम बात है। बिहार के रहने वाले कुछ शातिर अपराधियों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि इस बैंक में बड़े पैमाने पर सोना रखा रहता है।
इन अपराधियों ने बैंक में डकैती डालने का एक खतरनाक प्लान बनाया। इसके लिए उन्होंने बैंक के बिल्कुल पास ही एक घर किराए पर लिया और कुछ स्थानीय लोगों का सहयोग लेते हुए लगातार कई दिनों तक बैंक की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी। आखिरकार 11 अगस्त 2025 को इन बदमाशों ने दिनदहाड़े बैंक में धावा बोलकर डकैती डाल दी। हैरानी की बात यह है कि उस बैंक में न तो कोई सीसीटीवी कैमरे लगे थे और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम थे। डकैतों ने बैंक से लगभग 14.800 ग्राम सोना और 5.7 लाख रुपये नकद लूट लिए थे।
👥 अब तक कुल 14 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने जांच की शुरुआत करते हुए सबसे पहले उन स्थानीय लोगों को दबोचा, जिन्होंने बिहार से आए इन बदमाशों को रहने के लिए कमरा और घर दिलाने में मदद की थी। ये स्थानीय लोग कथित तौर पर कपड़ा बेचने का काम करने की आड़ में केवल 15 दिन ही जबलपुर में रहे थे, लेकिन यहीं से पुलिस के हाथ इस वारदात के अहम सुराग और कड़ियां जुड़नी शुरू हो गईं।
इसके बाद से लेकर अब तक इस मामले में कुल 14 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों में रईस सिंह लोधी, सोनू बर्मन, हेमराज सिंह, विकास चक्रवर्ती, राजेश दास उर्फ आकाश दास, इंद्रजीत दास उर्फ सागर दास, जहांगीर आलम अंसारी, गोलू उर्फ रविकांत पासवान, उमेश पासवान, हरि प्रसाद सोनी, बबलू उर्फ बाबू सिंह लोधी, बच्चू सिंह उर्फ पासवान, सुनील पासवान, छोटू उर्फ सरमन मेहतो और सुनील जैसे नाम शामिल हैं।
⚖️ आरोपियों को हो सकती है उम्रकैद की सजा, संपत्तियां होंगी कुर्क
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एडिशनल एसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि, ''अब तक इन सभी गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कुल 7.800 किलोग्राम सोना सफलतापूर्वक बरामद कर लिया गया है, जबकि शेष 7 किलो सोने के बारे में अभी कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है।''
जांच में यह बात सामने आई है कि लूटे गए इसी सोने को बेचकर या गिरवी रखकर इन अपराधियों ने भारी-भरकम संपत्तियां और प्रॉपर्टी खरीदी हैं। इसलिए पुलिस अब बाकी बची राशि की भरपाई और वसूली इन आरोपियों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करके और बेचकर करेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गंभीर अपराध में शामिल सभी आरोपियों को कम से कम उम्रकैद की सजा दिलाई जाएगी।
🏛️ कटनी में पुलिस अधिकारी पर लगे वसूली के गंभीर आरोप
मध्य प्रदेश के कटनी जिले से एक अलग मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस अधिकारी पर अवैध वसूली करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) अभिनय विश्वकर्मा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारी के चालक को निलंबित कर दिया और इस पूरे मामले की विस्तृत जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) कमल मौर्य को सौंप दी है।
इस प्रकरण में नया मोड़ तब आया जब अपनी शिकायत वापस लेने वाले एक परिवहन व्यवसायी (ट्रांसपोर्टर) ने दोबारा एसपी कार्यालय पहुंचकर यह बयान दर्ज कराया कि उसने पुलिस के भारी डर और मानसिक दबाव के कारण अपनी शिकायत वापस ली थी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के अनुसार, ''शिकायतकर्ता ने पहले पुलिसकर्मी द्वारा 30 हजार रुपये रिश्वत लेने की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अगले ही दिन वह अचानक डरकर शिकायत वापस लेने पहुंच गया था।'' इसके बाद अब वह अपने अधिवक्ता के साथ तीसरी बार एसपी कार्यालय आया है और अपनी पहली शिकायत को पूरी तरह सही बताते हुए अपने लिखित बयान दर्ज कराए हैं। शिकायत करने वाले इस ट्रांसपोर्ट व्यवसायी का नाम महेंद्र कुमार जैन है।
🐕 रतलाम में आवारा कुत्तों से क्रूरता और अवैध वसूली की शिकायत
रतलाम जिले के सैलाना क्षेत्र से आवारा कुत्तों के साथ बेहरमी से क्रूरता करने और उन्हें अवैध रूप से पकड़कर छोड़ने के बदले में पैसे वसूलने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सैलाना क्षेत्र के स्थानीय पशु प्रेमियों और 'रतलाम एनिमल रेस्क्यू फाउंडेशन' ने इस संबंध में सैलाना पुलिस थाने में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
एनिमल रेस्क्यू फाउंडेशन के सदस्यों—आलेख कैथवास, अमितोज, स्वराज पवार, गरिमा पवार, दीपक बैरागी, शुभम गुप्ता, सनी और देवेश साल्वे ने पुलिस को बताया कि सैलाना क्षेत्र में संदीप दूलगंज और उसके कुछ साथी रात के अंधेरे में आवारा स्ट्रीट डॉग्स को कैंची और अन्य खतरनाक हथियारों से बेरहमी से पकड़कर ले जा रहे हैं। जब उनसे इस बारे में पूछताछ की जाती है, तो वे यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्हें नगर परिषद की तरफ से कुत्तों की नसबंदी (Animal Birth Control) का आधिकारिक टेंडर मिला है।
जबकि जमीनी हकीकत यह है कि सैलाना क्षेत्र में वर्तमान में एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम से जुड़ी ऐसी कोई भी व्यवस्था या सेटअप संचालित नहीं किया जा रहा है। इस मामले पर सैलाना थाना प्रभारी पिंकी आकाश ने बताया कि, ''एनिमल रेस्क्यू फाउंडेशन और तमाम पशु प्रेमी एक शिकायती आवेदन लेकर थाने आए थे, जिसके बाद कुत्तों को पकड़ने की अनुमति और टेंडर से जुड़े सभी वैध दस्तावेज तलब किए गए हैं।''
🥛 छिंदवाड़ा में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लिए कई दुकानों के सैंपल
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खाद्य विभाग की टीम ने शहर की कई दूध डेयरियों और होटलों पर ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रूपराम सनोडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''टीम ने गोकुल डेयरी, खापाभाट (छिंदवाड़ा) का औचक निरीक्षण किया और वहां से दूध के दो नमूने तथा खोआ का एक नमूना जांच के लिए कलेक्ट किया।'' इसके अलावा, 'शिवोम एग्रो इंडस्ट्री' खजरी (छिंदवाड़ा) से पनीर का एक नमूना और अमरवाड़ा दूध संकलन केंद्र से दूध के तीन अलग-अलग नमूने गुणवत्ता की जांच के लिए लिए गए हैं।
विभाग द्वारा उठाए गए इन सभी खाद्य नमूनों को परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (State Food Testing Laboratory) भोपाल भेज दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि प्रयोगशाला से जैसे ही इन नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होगी, उसके आधार पर नियमानुसार आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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