एपल की लो-कॉस्ट AI रणनीति और एनवीडिया के शेयरों में गिरावट के बाद क्या हैं बाजार के हाल?

सोमवार को एपल ने एनवीडिया को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी का खिताब हासिल कर लिया है। जानिए टेक मार्केट और स्पेसएक्स से जुड़ी बड़ी खबरें।

Jul 28, 2026 - 18:09
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एपल की लो-कॉस्ट AI रणनीति और एनवीडिया के शेयरों में गिरावट के बाद क्या हैं बाजार के हाल?

सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनी एपल (Apple) ने एनवीडिया (Nvidia) को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे वैल्यूएबल पब्लिकली ट्रेडेड कंपनी का ताज अपने नाम कर लिया। कंपनी के शेयरों में 1 प्रतिशत की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद इसका कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर लगभग 4.95 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया।

📉 एनवीडिया के शेयरों में गिरावट और कड़ी टक्कर

कारोबारी सत्र के दौरान एनवीडिया (Nvidia) के शेयरों में 4.99 प्रतिशत की खासी गिरावट आई, जिससे इस प्रमुख AI चिपमेकर की वैल्यूएशन घटकर लगभग 4.77 ट्रिलियन डॉलर रह गई। इस उतार-चढ़ाव के साथ ही इस पूरे महीने दोनों दिग्गज कंपनियों के बीच टॉप पर बने रहने को लेकर जो कड़ी टक्कर चल रही थी, वह और अधिक तेज हो गई है।

इससे पहले 17 जुलाई को भी एपल ने कुछ समय के लिए एनवीडिया को पीछे छोड़ दिया था, जब दोनों कंपनियों की वैल्यू क्रमशः $4.88 ट्रिलियन और $4.86 ट्रिलियन दर्ज की गई थी। हालांकि, एनवीडिया लगभग एक साल तक दुनिया की नंबर वन कंपनी बनी रही थी, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स को ट्रेन और ऑपरेट करने के लिए इस्तेमाल होने वाले ग्राफिक्स प्रोसेसर (GPUs) की भारी मांग का मजबूत समर्थन मिला था। इसी के दम पर यह अक्टूबर 2025 में 5 ट्रिलियन डॉलर के वैल्यूएशन का आंकड़ा पार करने वाली दुनिया की पहली कंपनी बनी थी।

🔍 एनवीडिया में गिरावट और ओपनएआई डेटा-सेंटर प्रोजेक्ट

सोमवार को एनवीडिया के शेयरों में आई यह गिरावट एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बड़े पैमाने और उनकी फाइनेंसिंग को लेकर चल रही नई जांच-पड़ताल के बीच देखने को मिली है। 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ओहियो में स्थित ओपनएआई (OpenAI) डेटा-सेंटर प्रोजेक्ट के लिए लगभग 250 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम फाइनेंशियल गारंटी देने को लेकर बातचीत कर रही थी।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस प्रस्तावित गारंटी से प्रोजेक्ट को समय पर आवश्यक फाइनेंसिंग मिलने में मदद मिलेगी। हालांकि, अभी यह बातचीत शुरुआती दौर में है और इसमें शर्तें आगे चलकर बदल भी सकती हैं।

🍏 एपल की कम खर्च (लो-कॉस्ट) वाली एआई रणनीति

एपल के एक बार फिर दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी के रूप में शीर्ष पर लौटने से उसकी कैपिटल-स्पेंडिंग (पूंजी खर्च) रणनीति और अन्य बड़ी टेक कंपनियों की नीतियों के बीच के अंतर पर निवेशकों और विश्लेषकों का ध्यान केंद्रित हुआ है। 'याहू फाइनेंस अल्फासेंस' के आंकड़ों के मुताबिक, आईफोन बनाने वाली इस दिग्गज कंपनी का कैपिटल खर्च पिछली तीन तिमाहियों में लगातार कम हुआ है।

एपल ने डेटा सेंटर्स, कंप्यूटिंग कैपेसिटी और अन्य एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर उतना भारी खर्च नहीं किया है, जितना कि अल्फाबेट (Google), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft), अमेजन (Amazon) और मेटा प्लेटफॉर्म्स (Meta Platforms) जैसी कंपनियां कर रही हैं।

उदाहरण के तौर पर, अल्फाबेट ने पिछले हफ्ते एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपने खर्च में भारी बढ़ोतरी की बात कही और अपने अनुमानित 2026 के कैपिटल खर्च को बढ़ाकर 195 बिलियन डॉलर से 205 बिलियन डॉलर के बीच कर दिया। कंपनी ने इस तिमाही के दौरान 5.9 बिलियन डॉलर का नेगेटिव फ्री कैश फ्लो भी दर्ज किया। एपल के तुलनात्मक रूप से कम खर्च की वजह से पहले उद्योग जगत में यह आलोचना भी हुई थी कि कंपनी एआई के मामले में अपने प्रतिद्वंद्वियों से पीछे छूट रही है।

📊 फ्रीडम कैपिटल मार्केट्स के विशेषज्ञों की राय

'फ्रीडम कैपिटल मार्केट्स' के चीफ मार्केट रणनीतिकार जे वुड्स ने याहू फाइनेंस को बताया कि, ''एक समय एआई पर भारी-भरकम खर्च न करने को लेकर आलोचना झेलने वाली कंपनी एपल आज उन तमाम बड़े कैपेक्स (CapEx) नुकसानों और जोखिमों से सफलतापूर्वक बचने में कामयाब रही है।''

एपल ने सबसे बड़े क्लाउड-कंप्यूटिंग प्रोवाइडर्स के मुकाबले भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए बिना ही अपने बेहतरीन एआई प्रोडक्ट्स का विकास जारी रखा है।

जून में आयोजित अपनी सालाना 'वर्ल्डवाइड डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस' में कंपनी ने 'सिरी एआई' (Siri AI) को पेश किया, जो इसके वॉयस असिस्टेंट का एक पूरी तरह से रीडिजाइन किया गया नया वर्जन है। इसमें बेहतर बातचीत की क्षमताएं, व्यक्तिगत संदर्भ (पर्सनल कॉन्टेक्स्ट) तक सुरक्षित पहुंच और डिवाइस की स्क्रीन पर दिखाई दे रही जानकारी का समझदारी से इस्तेमाल करने की आधुनिक क्षमता शामिल है। यह लॉन्च 2024 में पहली बार घोषित किए गए एआई फीचर्स में बार-बार हुई देरी के बाद आखिरकार सामने आया है।

एपल ने स्पष्ट किया है कि उसका एआई सिस्टम कुछ बुनियादी काम सीधे यूजर के डिवाइस पर ही प्रोसेस करता है, जबकि अधिक जटिल और भारी-भरकम रिक्वेस्ट्स को सुरक्षित 'प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट' के माध्यम से हैंडल किया जाता है। कंपनी ने जून में ही इस आधुनिक सिस्टम को अपने डेटा सेंटर्स से आगे बढ़ाते हुए विस्तार दिया था।

💰 आगामी वित्तीय नतीजों पर निवेशकों की नजर

एपल आने वाले गुरुवार, 30 जुलाई को अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद अपनी वित्तीय तीसरी तिमाही के नतीजों की आधिकारिक रिपोर्ट जारी करने वाली है। इसकी निवेशक कॉल (Investor Call) अमेरिकी समयानुसार शाम 5 बजे निर्धारित की गई है।

जून में रीडिजाइन किए गए सिरी और लेटेस्ट 'एपल इंटेलिजेंस' फीचर्स को आधिकारिक तौर पर पेश करने के बाद से आने वाले ये नतीजे कंपनी का पहला तिमाही अपडेट होंगे, जिस पर पूरी दुनिया के शेयर बाजार की नजर टिकी है।

इससे पहले एपल ने अपनी वित्तीय दूसरी तिमाही के लिए 111.2 बिलियन डॉलर का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया था, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक था। इस दौरान कंपनी की डाइल्यूटेड अर्निंग्स प्रति शेयर (EPS) 22 प्रतिशत बढ़कर 2.01 डॉलर हो गई थी, जबकि आईफोन का रेवेन्यू मार्च तिमाही के रिकॉर्ड स्तर पर और सर्विसेज का रेवेन्यू अब तक के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंच गया था।

कंपनी ने हालांकि 'एपल इंटेलिजेंस' के लिए किसी अलग से कैपिटल-एक्स्पेंडिचर टारगेट का विशेष खुलासा नहीं किया है, लेकिन आगामी अर्निंग्स कॉल से मैनेजमेंट को अपने एआई प्रोडक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों और ऑपरेटिंग मार्जिन के विस्तार पर खुलकर बात करने का एक बेहतरीन मौका मिलेगा।

🚀 स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में लगातार गिरावट का दौर

दूसरी तरफ, एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) के शेयरों में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। सोमवार को स्पेसएक्स के शेयर 1.4 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 113.50 डॉलर के स्तर पर बंद हुए।

खास बात यह है कि कंपनी के शेयरों में पिछले 16 कारोबारी सत्रों (ट्रेडिंग सेशन) के भीतर यह 13वां दिन था जब गिरावट दर्ज की गई। यह क्लोजिंग प्राइस कंपनी के शुरुआती 135 डॉलर के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) प्राइस से भी लगभग 16 प्रतिशत कम है।

स्टॉक लिस्टिंग के बाद बने अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर 225.64 डॉलर से यह शेयर अब तक करीब 50 प्रतिशत तक टूट चुका है, जिससे स्पेसएक्स की कुल मार्केट वैल्यू से 1.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की भारी कमी आ चुकी है।

स्पेसएक्स ने पिछले 12 जून को अपने आईपीओ के जरिए 75 बिलियन डॉलर की राशि जुटाई थी, जो अमेरिकी शेयर बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जाता है। ट्रेडिंग की शुरुआत से ठीक पहले 555.56 मिलियन शेयरों की बिक्री के बाद कंपनी का कुल मूल्यांकन (वैल्यूएशन) 1.77 ट्रिलियन डॉलर आंका गया था।

शुरुआती दौर में इस कंपनी के शेयर उछलकर 225 डॉलर से भी ऊपर निकल गए थे, लेकिन जुलाई के मध्य तक आते-आते यह अपने आईपीओ प्राइस से भी नीचे लुढ़क गए। रॉयटर्स द्वारा उद्धृत 'ऑर्टेक्स टेक्नोलॉजीज' के आंकड़ों के अनुसार, शॉर्ट सेलर्स ने 23 जुलाई तक लगभग 15.5 बिलियन डॉलर का भारी-भरकम पेपर प्रॉफिट जमा कर लिया था, क्योंकि उस समय स्पेसएक्स के लगभग 56 प्रतिशत फ्रीली ट्रेडेड शेयर लोन पर उठाए गए थे।

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