सागर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल संकट पर मेयर का बड़ा बयान, बेबस नदी का जलस्तर बढ़ने से उम्मीद बरकरार
अल्पवर्षा के कारण सागर की राजघाट जल आबर्धन परियोजना का बांध पूरी तरह भर नहीं पाया है। बांध में सिर्फ कुछ दिनों का पानी शेष बचा है, जिससे जलसंकट का खतरा मंडरा रहा है।
सागर: इस बार पवित्र सावन के महीने में मध्य प्रदेश के सागर शहर के बाशिंदों को पीने के पानी की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, इस बार मानसून में हुई अल्पवर्षा के कारण सागर शहर को पेयजल सप्लाई करने वाली महत्वपूर्ण 'राजघाट जल आवर्धन परियोजना' का मुख्य बांध अभी तक पूरी तरह से भर नहीं पाया है। हालात यह हैं कि वर्तमान में मुख्य बांध में केवल 10 दिन तक ही पानी की सप्लाई करने लायक जल शेष बचा है।
ऐसे में यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है और राजघाट बांध अपनी कुल क्षमता के अनुसार नहीं भर पाता है, तो सावन तो दूर की बात है, आने वाले दिनों में शहरवासियों को भीषण जलसंकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, नगर निगम की महापौर को पूरी उम्मीद है कि सावन के इस महीने में अच्छी बारिश जरूर होगी और बांध अपने पूर्ण जलस्तर को छू लेगा।
📉 क्षमता से लगभग 7 मीटर खाली है सागर की जीवन रेखा राजघाट बांध
सागर नगर निगम, सागर कैंट और मकरोनिया नगर पालिका को पेयजल की सप्लाई करने वाली राजघाट जल आवर्धन परियोजना के बांध की इस बार की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। हालात यह हैं कि जुलाई का महीना बीतने को है, लेकिन बांध अभी भी खाली पड़ा हुआ है।
सागर नगर निगम से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल राजघाट बांध का वर्तमान वाटर लेवल (जलस्तर) 708.50 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इस बांध की कुल निर्धारित क्षमता 715.50 मीटर है। इस गणित के हिसाब से देखा जाए तो मुख्य बांध से केवल 10 दिन की ही पानी की सप्लाई हो सकती है और उसके बाद मृत भंडारण या रिजर्व वाटर से बमुश्किल 15 दिन और पानी सप्लाई किया जा सकता है। बांध अपनी पूर्ण क्षमता के हिसाब से अभी करीब 7 से 8 मीटर खाली है और जब तक क्षेत्र में झमाझम बारिश नहीं होगी, तब तक बांध के जलस्तर के भरने की उम्मीद नहीं की जा सकती। यदि बारिश के हालात ऐसे ही बने रहे, तो सागर के नागरिकों को सावन के पवित्र महीने में भी पीने के पानी के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है।
🌧️ बेबस नदी का जलस्तर बढ़ने से ही दूर होगी शहर की यह बड़ी समस्या
इस पूरे गंभीर मुद्दे पर बात करते हुए सागर नगर निगम की महापौर संगीता सुशील तिवारी ने बताया, ''जुलाई माह अब बीतने की कगार पर है और क्षेत्र में बारिश की वर्तमान स्थिति सचमुच चिंताजनक है। अच्छी बारिश न होने के कारण हमारी मुख्य जलप्रदाय परियोजना यानी राजघाट का बांध अभी खाली है और यह अपनी क्षमता से करीब 7 मीटर कम भरा है।''
उन्होंने आगे बताया कि फिलहाल हमारे पास जो पानी उपलब्ध है, उससे हम लगभग 10 दिन मुख्य बांध से और 15 दिन बैकवाटर (बैकवाटर) के माध्यम से पेयजल की सप्लाई कर सकते हैं। सावन का पावन महीना शुरू हो चुका है और हमें पूरी उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी, जिससे हमारा राजघाट बांध अपनी पूरी क्षमता के अनुसार भर जाएगा। हालांकि, हमारा जलप्रदाय विभाग इस स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है। जैसे ही बेबस नदी का जलस्तर बढ़ेगा, शहर की यह पानी की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।
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