होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े नए शिपिंग रूट पर ईरान-ओमान बैठक टली, कार्गो शिप पर हमले के बाद तनाव
केशम द्वीप के पास ईरानी कार्गो शिप पर हुए हमले के बाद ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट शिपिंग रूट पर प्रस्तावित बैठक टल गई है। जानें इस फैसले के पीछे की पूरी वजह।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से जुड़े नए शिपिंग रूट पर होने वाली महत्वपूर्ण बैठक रविवार को अचानक टाल दी गई। केशम द्वीप (Qeshm Island) के पास एक ईरानी कार्गो शिप पर हुए मिसाइल/प्रोजेक्टाइल हमले के बाद यह फैसला लिया गया।
इस बैठक में ईरान और ओमान के साथ-साथ फारस की खाड़ी (Persian Gulf) के अन्य देशों को भी शामिल होना था, हालांकि अभी बैठक की कोई नई तारीख तय नहीं की गई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कुछ क्षेत्रीय देशों के विशेष अनुरोध पर तेहरान और मस्कट ने आपसी सहमति से इसे स्थगित करने का निर्णय लिया है। ईरान अब ओमान के साथ कूटनीतिक बातचीत करके जल्द ही नई तारीख का ऐलान करेगा।
ईरान और ओमान ने हाल ही में होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए एक नए समुद्री मार्ग (Shipping Route) का प्रारूप तैयार किया था। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, खाड़ी के अंदर आने वाला रास्ता पूरी तरह से ईरान के प्रादेशिक जलक्षेत्र (Territorial Waters) से होकर गुजरना था, जबकि बाहर जाने वाला रास्ता ईरान और ओमान दोनों के जलक्षेत्र से होकर जाता। इस योजना का ब्योरा खाड़ी देशों को इस बैठक में दिया जाना था। हालांकि, इस प्रस्तावित व्यवस्था का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से व्यापार के लिए खुल गया है, क्योंकि ईरान ने इसे पूरी तरह खोलने के लिए 7 सख्त शर्तें रखी हैं।
💥 होर्मुज के पास ईरानी मालवाहक जहाज पर हमला: 1 की मौत, 4 क्रू मेंबर्स घायल
रविवार सुबह होर्मुज स्ट्रेट के रणनीतिक जलक्षेत्र के पास एक ईरानी कमर्शियल जहाज को निशाना बनाकर हमला किया गया।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, इस हमले में एक व्यक्ति की जान चली गई और चार अन्य क्रू सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उधर, ब्रिटेन की यूकेएमटीओ (UKMTO - United Kingdom Maritime Trade Operations) ने भी पुष्टि की है कि होर्मुज से गुजर रहे एक कमर्शियल वेसल पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे जहाज में आग लग गई और चालक दल को आपातकालीन स्थिति में बाहर निकालना पड़ा। हालांकि, अभी यह आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है कि यूकेएमटीओ द्वारा बताई गई घटना और ईरान द्वारा रिपोर्ट किया गया हमला एक ही जहाज से संबंधित थे या नहीं।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में होर्मुज से गुजरने वाले सभी जहाजों का संचालन ओमान के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत ही होगा। इसके तहत फारस की खाड़ी में प्रवेश करने वाले जहाज ईरानी जलक्षेत्र का उपयोग करेंगे, जबकि बाहर निकलने वाले जहाज ईरान और ओमान के संयुक्त जलक्षेत्र का इस्तेमाल करेंगे। ईरान इस नए रूट का इस्तेमाल करने वाले वाणिज्यिक पोतों से 'ट्रांजिट फीस' वसूलने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दोहराया कि जब तक अमेरिका उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं करता, तब तक होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा। फिलहाल इस मार्ग से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित बनी हुई है।
🌍 ईरान-ओमान समझौते पर खाड़ी देशों की चिंता: डोनाल्ड ट्रंप ने दिया बड़ा बयान
इस क्षेत्रीय बैठक में शामिल होने की पुष्टि इराक ने कर दी थी, लेकिन बहरीन ने ईरान के साथ कूटनीतिक संबंध न होने के कारण इसमें भाग लेने से साफ इनकार कर दिया था।
सऊदी अरब भी ईरान और ओमान के बीच हुए इस नए शिपिंग एग्रीमेंट में कई संशोधन चाहता है। एक खाड़ी अधिकारी के मुताबिक, रियाद को आशंका है कि इस तरह के एकतरफा समझौते का होर्मुज स्ट्रेट के अंतरराष्ट्रीय दर्जे और गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) देशों के आर्थिक हितों पर दूरगामी असर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईरान अब समझौते के मूड में है और उसके शीर्ष अधिकारी लगातार संपर्क साध रहे हैं। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि ईरान से जुड़ी यह सैन्य तनातनी इसी साल समाप्त हो सकती है। हालांकि, जब मीडिया ने उनसे सीधे सवाल किया कि क्या अमेरिकी सेना ने ईरानी जहाज पर हमला किया है, तो ट्रंप ने रहस्यमयी अंदाज में कहा, "मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।"
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