इथेनॉल-फ्री 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में दोगुना उछाल, जानिए क्या है इसकी मुख्य वजह

इथेनॉल-फ्री 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। गाड़ियों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए लोग इस महंगे फ्यूल को चुन रहे हैं।

Jul 30, 2026 - 17:37
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इथेनॉल-फ्री 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में दोगुना उछाल, जानिए क्या है इसकी मुख्य वजह

हाल के महीनों में 100-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल की सेल में दोगुनी से ज़्यादा की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बाजार में मिलने वाला एकमात्र ऐसा खास ग्रेड है, जिसमें किसी भी प्रकार का इथेनॉल नहीं मिलाया जाता है। इथेनॉल-मिक्स्ड फ्यूल से गाड़ियों के इंजन को संभावित नुकसान पहुँचने की बढ़ती चिंताओं के बीच इस फ्यूल की मांग में यह बड़ा उछाल आया है। जानकारों का कहना है कि जुलाई के महीने में यह बढ़ोतरी खासतौर पर काफी तेज थी, क्योंकि उस दौरान पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने को लेकर सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच बहस काफी तेज हो गई थी।

देश की सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां अलग-अलग ब्रांड्स के तहत 100-ऑक्टेन पेट्रोल बेचती हैं, जिनमें मुख्य रूप से इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) का 'XP100', भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) का 'स्पीड100' और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) का 'पॉवर100' शामिल हैं। फ्यूल का यह विशेष ग्रेड मुख्य रूप से सुपरकार्स, लग्जरी सेडान और सुपरबाइक्स जैसी हाई-परफॉर्मेंस वाली गाड़ियों के लिए तैयार किया गया है।

📈 अभी भी सीमित है बाजार में हिस्सेदारी, दिल्ली से आई सबसे ज्यादा मांग

हालांकि इसकी बिक्री में उछाल आया है, फिर भी इसकी कुल मांग अभी काफी सीमित है और यह भारत की कुल पेट्रोल बिक्री का केवल 0.1 फीसदी हिस्सा ही है। इसके अलावा, इसकी खुदरा कीमत सामान्य पेट्रोल की तुलना में काफी ज्यादा है। 'बिजनेस स्टैंडर्ड' की एक रिपोर्ट में एक सूत्र ने बताया कि हमने हाल के महीनों में इथेनॉल-फ्री पेट्रोल की डिमांड में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है।

सोशल मीडिया पर इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों के इंजन को नुकसान होने के दावों ने इस वृद्धि को और ज्यादा बढ़ावा दिया है। आंकड़ों के मुताबिक, इस पेट्रोल की सबसे ज्यादा मांग देश की राजधानी दिल्ली से दर्ज की गई है। हालांकि, इस पूरे मामले पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG), आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

💰 सामान्य पेट्रोल से लगभग 57 फीसदी तक महंगा है यह फ्यूल

दिल्ली में, इथेनॉल-मुक्त 100-ऑक्टेन पेट्रोल की खुदरा कीमत लगभग 160 रुपये प्रति लीटर है, जो सामान्य पेट्रोल की कीमत से लगभग 57 फीसदी ज्यादा है। वर्तमान में 20 फीसदी इथेनॉल-मिक्स्ड सामान्य पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर है, जबकि E20 प्रीमियम ग्रेड — जैसे XP95, Speed97 और poWer95 — की कीमत लगभग 111 से 112 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।

वहीं दूसरी ओर, मुंबई में 100-ऑक्टेन पेट्रोल की खुदरा कीमत लगभग 167.35 रुपये प्रति लीटर है, जबकि सामान्य पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर है। मुंबई में E20 प्रीमियम ग्रेड लगभग 120 से 121 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। 'बिजनेस स्टैंडर्ड' ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया कि कम मांग के कारण देश के 1 फीसदी से भी कम फ्यूल स्टेशनों पर 100-ऑक्टेन पेट्रोल उपलब्ध है और इसकी बिक्री ज्यादातर बड़े महानगरों (मेट्रो शहरों) तक ही सीमित है।

⏳ अधिकारियों का मानना, मांग में आया यह उछाल कुछ समय के लिए ही है

सरकारी अधिकारियों को पूरी उम्मीद है कि मांग में आया यह हालिया उछाल कुछ समय के लिए ही है और जैसे-जैसे इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल को लेकर लोगों की चिंताएं कम होंगी, इसकी बिक्री में अपने आप कमी आ जाएगी।

एक सीनियर अधिकारी ने इस पर बात करते हुए कहा कि यह खास फ्यूल मुख्य रूप से सुपर-प्रीमियम गाड़ियों के लिए बनाया गया है। लेकिन मौजूदा ट्रेंड को देखकर ऐसा लग रहा है कि आम गाड़ियों के मालिक भी इसे खरीद रहे हैं। हालांकि, ऐसा लंबे समय तक चल पाना मुमकिन नहीं होगा, क्योंकि इससे आम चालकों के फ्यूल का खर्च काफी हद तक बढ़ जाएगा।

पिछले हफ्ते सरकार ने स्पष्ट किया था कि सरकारी फ्यूल रिटेलर्स द्वारा बेचे जाने वाले प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल की सप्लाई बिना इथेनॉल ब्लेंडिंग के आगे भी जारी रहेगी। सरकार ने यह भी साफ कर दिया कि इथेनॉल ब्लेंडिंग को 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ाने का फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है और न ही E0 या E10 पेट्रोल को दोबारा बाजार में शुरू करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है।

⚙️ 100-ऑक्टेन पेट्रोल के क्या हैं प्रमुख फायदे?

100-ऑक्टेन पेट्रोल का 'रिसर्च ऑक्टेन नंबर' (RON) 100 होता है, जिसकी वजह से यह आम पेट्रोल के मुकाबले इंजन में होने वाली नॉकिंग (आवाज या झटके) को बहुत बेहतर तरीके से रोकता है। ज्यादा ऑक्टेन रेटिंग होने के कारण यह फ्यूल जलने से पहले ज्यादा तापमान और कम्प्रेशन को आसानी से झेल सकता है, इसलिए यह हाई-परफॉर्मेंस और हाई-कम्प्रेशन वाले आधुनिक इंजनों के लिए एकदम सही माना जाता है।

हाल ही में इस फ्यूल को खरीदने वाले एक ग्राहक ने साझा किया कि 100-ऑक्टेन फ्यूल बहुत ज्यादा महंगा है और यह E20 पेट्रोल से लगभग 45 फीसदी महंगा है। इसलिए माइलेज से होने वाला कोई भी फायदा आर्थिक रूप से सही नहीं बैठता है। इसका एकमात्र मुख्य फायदा यह है कि 100-ऑक्टेन का उपयोग करके इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल से इंजन को होने वाले संभावित नुकसान से पूरी तरह बचाया जा सकता है।

⚠️ E20 पेट्रोल को लेकर क्यों बना हुआ है विवाद?

E20 पेट्रोल को लेकर बाजार में विवाद इसलिए है क्योंकि कुछ खास गाड़ियों, विशेषकर पुराने मॉडल्स जो इस तरह के फ्यूल के लिए डिजाइन नहीं किए गए थे, उनके इंजन पार्ट्स जल्दी खराब हो सकते हैं, माइलेज में गिरावट आ सकती है और मेंटेनेंस का खर्च काफी बढ़ सकता है।

इस महीने की शुरुआत में सरकार ने खुद यह माना था कि आम पेट्रोल की तुलना में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों का माइलेज 3 से 5 फीसदी तक कम हो जाता है। हालांकि, सरकार ने इसके साथ यह भी तर्क दिया कि इस ब्लेंड से ऑक्टेन रेटिंग ज्यादा मिलती है, एंटी-नॉकिंग परफॉर्मेंस बेहतर होती है, फ्यूल तेजी से जलता है, गाड़ी का पिकअप सुधरता है, वाहन आसानी से रफ्तार पकड़ता है और इंजन अंदर से साफ-सुथरा रहता है। सरकार ने इसके साथ ही E20 के साथ शुद्ध पेट्रोल या E10 को दोबारा बेचने की संभावना को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने देश में इथेनॉल प्रोडक्शन और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास के लिए सालाना लगभग 1 लाख करोड़ रुपये का भारी फाइनेंस उपलब्ध कराया है।

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