बुरहानपुर में झमाझम बारिश से ताप्ती नदी उफान पर, कई गांवों का जिला मुख्यालय से टूटा संपर्क
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में भारी बारिश के कारण ताप्ती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर निगरानी बढ़ा दी है।
बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर में गुरुवार देर शाम से शुरू हुआ झमाझम बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके कारण शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और काफी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। मूसलाधार बारिश के चलते ताप्ती नदी उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके साथ ही जिले की अन्य छोटी नदियां और तालाबों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है, जिससे आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है।
🌊 शहर के कई वार्डों में जलभराव से बिगड़े हालात
नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कई वार्डों में भारी बारिश के कारण जलभराव के बेहद गंभीर हालात निर्मित हो गए हैं।
शहर से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत मोहम्मदपुरा के रिहायशी क्षेत्र में पानी घुस गया है, जिससे गांव की मुख्य सड़कें किसी तालाब की तरह नजर आने लगी हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सीधे सड़कों पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
🚧 जिला मुख्यालय से कटा कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क
जिले के शाहपुर क्षेत्र के फोपनार और बंभाड़ा गांव में भी बारिश ने भारी आफत खड़ी कर दी है। यहाँ बारिश के पानी से गांवों की सड़कें किसी 'स्विमिंग पूल' जैसी बन गई हैं, जिन पर घुटने-घुटने तक पानी बह रहा है।
इसके अलावा क्षेत्र के छोटे-बड़े तमाम नदी-नाले पूरी तरह उफान पर आ चुके हैं, जिसके परिणाम स्वरूप जिला मुख्यालय से कई ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। रास्तों पर जलभराव के कारण कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं।
🚨 जिला प्रशासन द्वारा हाई अलर्ट घोषित, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी के निर्देश
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बिगड़ते हालातों को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे जिले में 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया है।
शुक्रवार को जिला कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक (SP) आशुतोष बागरी, एसडीएम पल्लवी पौराणिक समेत तमाम आला प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर के संवेदनशील क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने ताप्ती नदी के विभिन्न घाटों का बारीकी से जायजा लिया और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। एहतियात के तौर पर सभी प्रमुख घाटों पर एसडीईआरएफ (SDRF), होमगार्ड और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही नदी किनारे की निचली बस्तियों में लगातार सतत निगरानी बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
⚠️ लापरवाही बरतने पर कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी
गौरतलब है कि ताप्ती नदी सहित जिले के अन्य सभी नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय मोड में है।
किसी भी आपात स्थिति या आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अधिकारियों को मुस्तैद रहने को कहा गया है। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर मैदानी कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहकर निगरानी में जुटे रहने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर हर्ष सिंह ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि, ''घाटों या सुरक्षा कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और यदि कोई लापरवाही बरतता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।''
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