भोपाल के पेट्रोल पंप के डीजल टैंक में मिला 116 लीटर पानी, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

भोपाल में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान पेट्रोल पंप के डीजल टैंक में 116 लीटर पानी मिला है। इसके अलावा सरकारी क्वार्टर में अवैध गैस रिफिलिंग का भी खुलासा हुआ है।

Aug 02, 2026 - 12:36
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भोपाल के पेट्रोल पंप के डीजल टैंक में मिला 116 लीटर पानी, प्रशासन की बड़ी कार्रवाई से मचा हड़कंप

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल की गुणवत्ता और नाप-तौल में ग्राहकों के साथ हो रही भारी धांधली व धोखाधड़ी के खिलाफ जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा शहर भर में लगातार चलाए जा रहे औचक जांच अभियान के दौरान कई पेट्रोल पंपों पर भारी कमियां और अनियमितताएं पकड़ी गईं। पीएंडटी चौराहा स्थित एचपी (HP) के 'आरके पेट्रोल पंप' के डीजल टैंक में 116 लीटर पानी मिला, जिसके बाद मौके पर ही तत्काल प्रभाव से डीजल की बिक्री रोक दी गई। इसके अलावा, एक अन्य पेट्रोल पंप पर अनधिकृत यूनिट संचालित होने तथा एक सरकारी क्वार्टर के भीतर अवैध रूप से एलपीजी गैस रिफिलिंग का काला कारोबार किए जाने का भी बड़ा खुलासा हुआ है।

⛽ पहला मामला: आरके पेट्रोल पंप के डीजल टैंक में मिला पानी और घटतौली

जांच दल शनिवार को पीएंडटी चौराहे पर स्थित एचपी कंपनी के आरके पेट्रोल पंप की गुणवत्ता जांचने पहुँचा। जाँच के दौरान जब टैंक की गहराई की जाँच की गई, तो पंप के डीजल टैंक के अंदर लगभग 116 लीटर पानी पाया गया। खाद्य विभाग ने इस गंभीर लापरवाही पर तुरंत एक्शन लेते हुए डीजल की सप्लाई पर तत्काल रोक लगा दी।

अधिकारियों ने पंप संचालक को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि जब तक टैंक से पूरा पानी पूरी तरह बाहर निकालकर गुणवत्ता की दोबारा जांच संतोषजनक नहीं पाई जाती, तब तक डीजल की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त, नाप-तौल विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि पेट्रोल के एक नोजल से हर 5 लीटर पर 50 मिलीलीटर कम पेट्रोल ग्राहकों को दिया जा रहा था, जिस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उस नोजल को सील कर दिया गया।

⚡ दूसरा मामला: योअर्स सर्विस स्टेशन पर बिना परमिशन के चल रही थीं 2 एक्स्ट्रा यूनिट्स

कमला पार्क से पॉलीटेक्निक चौराहे के बीच स्थित एचपी के 'योअर्स सर्विस स्टेशन' की जब टीम ने जाँच की, तो वहाँ पेट्रोल की गुणवत्ता और नाप-तौल तो मानक के अनुसार सही पाई गई।

लेकिन जाँच में यह बात सामने आई कि उस पंप पर क्षमता से अधिक 2 अतिरिक्त (एक्स्ट्रा) यूनिट्स अवैध रूप से संचालित हो रही थीं। इस अनियमितता को देखते हुए खाद्य विभाग ने पंप संचालक को आधिकारिक तौर पर कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है और तत्काल वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

🛢️ तीसरा मामला: सरकारी क्वार्टर में चल रहा था एलपीजी गैस की अवैध रिफिलिंग का धंधा

खाटू श्याम मंदिर के पास स्थित एक जर्जर सरकारी क्वार्टर पर खाद्य विभाग की टीम ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा, जहाँ बड़े पैमाने पर अवैध एलपीजी (LPG) गैस रिफिलिंग का धंधा चलाया जा रहा था।

जैसे ही खाद्य विभाग की टीम मौके पर पहुँची, विभाग के पहुँचने की भनक लगते ही आरोपी कर्मचारी अपना वाहन लेकर मौके से फरार हो गए। जाँच के दौरान मौके पर बिजली से चलने वाली गैस रिफिलिंग मोटर चालू हालत में पाई गई। पुलिस और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके से 2 भरे हुए गैस सिलिंडर और रिफिलिंग के तमाम उपकरण जब्त कर लिए हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

⚠️ प्रशासन की कड़ी चेतावनी: अभियान रहेगा लगातार जारी

इस पूरी कार्रवाई को लेकर भोपाल जिला आपूर्ति अधिकारी, चंद्रभान सिंह जादौन ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि जिले भर के लगभग 200 पेट्रोल पंपों और अवैध गैस रिफिलिंग सेंटरों के खिलाफ यह सख्त जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

यदि भविष्य में भी किसी भी प्रकार की अनियमितता या उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आता है, तो संबंधितों के खिलाफ अत्यंत सख्त से सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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