पन्ना में सेल्फी के चक्कर में गहरी खाई में गिरे युवक की मौत, 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव

पन्ना के प्रसिद्ध बृहस्पति कुंड में सेल्फी लेते समय पैर फिसलने से खाई में गिरे युवक का शव 24 घंटे बाद SDRF ने बरामद किया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

Aug 04, 2026 - 10:50
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पन्ना में सेल्फी के चक्कर में गहरी खाई में गिरे युवक की मौत, 24 घंटे बाद SDRF ने निकाला शव

पन्ना। सोशल मीडिया पर रील और सेल्फी का बढ़ता हुआ खतरनाक जुनून एक बार फिर एक हँसते-खेलते परिवार की सारी खुशियां हमेशा के लिए छीन ले गया है। पन्ना जिले के बेहद प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बृहस्पति कुंड में सेल्फी लेते समय अचानक पैर फिसलने से गहरी खाई में गिरे 22 वर्षीय युवक का शव आखिरकार करीब 24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एसडीआरएफ (SDRF) की रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया है। इस दर्दनाक और दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में शोक और मातम का माहौल छाया हुआ है।

⚠️ बेहद खतरनाक किनारे पर खड़े होकर ले रहा था सेल्फी

मृतक की पहचान 22 वर्षीय सुखेंद्र गोंड के रूप में हुई है, जो रविवार दोपहर को अपने कुछ दोस्तों के साथ बृहस्पति कुंड घूमने के लिए आया था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह कुंड के बेहद खतरनाक और फिसलन भरे किनारे पर खड़े होकर मोबाइल से सेल्फी ले रहा था। इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह संभल नहीं पाया, जिससे वह सैकड़ों फीट गहरी खाई में नीचे जा गिरा। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

🛡️ 24 घंटे तक चला कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन, SDRF ने निकाला शव

घटना की सूचना मिलते ही पन्ना और सतना जिलों से एसडीआरएफ की विशेष टीम तुरंत मौके पर पहुँची।

दुर्गम पहाड़ी इलाकों, गहरी खाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच लगातार करीब 24 घंटे तक चले कठिन और लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार टीम ने युवक का शव खाई से बाहर निकालने में सफलता हासिल की। इसके बाद पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

😠 स्थानीय लोगों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भारी नाराजगी

इस हृदयविदारक हादसे के बाद पन्ना के बृहस्पति कुंड की सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक लापरवाही को लेकर स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों में गहरा आक्रोश और नाराजगी देखने को मिल रही है।

स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों का साफ तौर पर कहना है कि ऐसे खतरनाक और दुर्घटना संभावित स्थानों पर प्रशासन की तरफ से पर्याप्त बैरिकेडिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। उनका यह गंभीर सवाल है कि जब यह पर्यटन क्षेत्र पहले से ही दुर्घटना संभावित (Accident Prone Zone) माना जाता है, तो फिर पर्यटकों की जान बचाने के लिए यहाँ स्थायी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्थाएं क्यों नहीं की जाती हैं?

🎯 प्रशासन से की गई सख्त रेलिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग

इस दुखद घटना के बाद लोगों ने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि ऐसे सभी खतरनाक और संवेदनशील क्षेत्रों में तुरंत मजबूत लोहे की रेलिंग और बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।

साथ ही, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए वहां सुरक्षा कर्मियों की नियमित तैनाती की जाए और अपनी जान जोखिम में डालकर खतरनाक स्टंट, सेल्फी और रील बनाने वाले लापरवाह लोगों पर प्रशासन द्वारा सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

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