उपचुनाव के बाद अवधेश नायक को मिला बड़ा तोहफा, कांग्रेस ने बनाया प्रदेश महासचिव
दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद पार्टी ने अवधेश नायक को प्रदेश महासचिव बनाया है। टिकट कटने के बावजूद उन्होंने ईमानदारी से चुनाव में काम किया था।
दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे जहाँ एक तरफ भाजपा कार्यकारिणी के लिए हार और गाज गिरने का कारण बने, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस नेता अवधेश नायक के लिए यह एक बड़े राजनीतिक प्रमोशन के रूप में सामने आए हैं। चुनाव के नतीजे सामने आने के ठीक तीसरे दिन ही कांग्रेस प्रदेश नेतृत्व ने दतिया में पार्टी के प्रति अपनी पूरी ईमानदारी और निष्ठा निभाने वाले अवधेश नायक को एक बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त कर दिया है।
🤝 ईमानदारी और कर्मठता को पार्टी ने पद देकर सराहा
दतिया उपचुनाव के दौरान जब कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा की जा रही थी, उस वक्त शुरुआती दौर में अवधेश नायक की नाराजगी ने पार्टी की चिंता काफी बढ़ा दी थी।
लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपनी कर्मठता और पूरी ईमानदारी का परिचय देते हुए कांग्रेस के पक्ष में मजबूत चुनावी माहौल बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। गांव-गांव जाकर सभाएं करने और स्थानीय वोटरों को अपने पाले में साधने के लिए अवधेश नायक ने जो कड़ी मेहनत की थी, उसका शानदार तोहफा कांग्रेस ने उन्हें इतने बड़े पद की जिम्मेदारी देकर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आधिकारिक नियुक्ति आदेश जारी करते हुए अवधेश नायक को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) में महासचिव पद की कमान सौंपी है।
📜 प्रदेश प्रभारी की अनुशंसा पर की गई है यह महत्वपूर्ण नियुक्ति
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी द्वारा यह महत्वपूर्ण नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के विशेष अनुमोदन (अनुशंसा) पर की गई है।
इसके साथ ही, जारी किए गए नियुक्ति पत्र के जरिए यह अपेक्षा भी जताई गई है कि अवधेश नायक कांग्रेस पार्टी की नीतियों, वैचारिक सिद्धांतों और संगठनात्मक अनुशासन के दायरे में रहकर पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी सक्रियता से कार्य करेंगे।
🗳️ दो बार प्रत्याशी की दौड़ से बाहर हुए नायक, फिर भी पूरी निष्ठा से किया काम
आपको बता दें कि दतिया में उपचुनाव की घोषणा के साथ ही कांग्रेस के भीतर घनश्याम सिंह के साथ-साथ अवधेश नायक को भी उम्मीदवारी की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। ऐसा इसलिए क्योंकि साल 2023 के आम विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने पहले नायक को अपना आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया था, लेकिन बाद में अचानक उनका टिकट काट दिया गया था।
इसके बाद जब वर्ष 2026 में हुए उपचुनाव में भी उन्हें पार्टी का टिकट नहीं मिला, तो स्वाभाविक रूप से अवधेश नायक की नाराजगी शुरुआती दिनों में साफ तौर पर दिखाई देने लगी थी। उन्होंने कुछ समय तक कांग्रेस की बैठकों और सभाओं से दूरी बना ली थी और उनके समर्थक कार्यकर्ता भी पार्टी के इस एकतरफा रवैये से खासे नाराज चल रहे थे।
लेकिन समय रहते वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने व्यक्तिगत रूप से उनसे चर्चा कर उन्हें मनाया। इसके बाद पूरे उपचुनाव के दौरान अवधेश नायक ने एक सच्चे और कर्मठ कार्यकर्ता की तरह अपनी सभी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया। अब जब उपचुनाव में कांग्रेस को शानदार सफलता मिली है, तो पार्टी ने भी उनकी इस मेहनत का बड़ा सिला उन्हें दे दिया है।
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