एमपी सरकार बजट में करने जा रही है बड़ा बदलाव, मंत्रियों-विधायकों के कई भत्ते होंगे समाप्त

मध्य प्रदेश सरकार वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट को पारदर्शी बनाने के लिए 74 बजटीय मद समाप्त कर रही है। मंत्रियों के भत्ते और पूंजीगत खर्च के नियमों में बदलाव किए गए हैं।

Aug 04, 2026 - 10:52
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एमपी सरकार बजट में करने जा रही है बड़ा बदलाव, मंत्रियों-विधायकों के कई भत्ते होंगे समाप्त

मध्य प्रदेश सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बहुत बड़ा और अहम बदलाव करने जा रही है। राज्य के वित्तीय प्रबंधन को सरल बनाने तथा सरकारी खर्चों में पूरी तरह पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से सरकार ने कुल 74 बजटीय मदों (Budgetary Heads) को समाप्त करने का बड़ा निर्णय लिया है। इनमें माननीय मंत्रियों और विधायकों को मिलने वाले कई प्रकार के विशेष भत्ते भी शामिल हैं। इसके अलावा, बजट कोडिंग प्रणाली और सरकारी खर्चों के वर्गीकरण के तरीकों में भी व्यापक और दूरगामी बदलाव किए जाएंगे।

🏛️ मंत्रियों और विधायकों के कई व्यक्तिगत भत्ते होंगे समाप्त

इस नई और सुव्यवस्थित व्यवस्था के तहत मंत्रियों और विधायकों से जुड़े लगभग 15 बजटीय मद पूरी तरह समाप्त कर दिए जाएंगे।

इनमें मुख्य रूप से त्योहार अग्रिम (Festival Advance), भोजन भत्ता, धोबी और नाई का खर्च, अनाज अग्रिम, अवकाश यात्रा रियायत (LTC) तथा प्रतिनियुक्ति भत्ता जैसे विभिन्न व्यक्तिगत और प्रशासनिक खर्च शामिल हैं। राज्य सरकार का यह मानना है कि इन अनावश्यक या पुराने हो चुके मदों को हटाने से राज्य का बजट और अधिक सुव्यवस्थित, तर्कसंगत और पारदर्शी बन सकेगा।

💰 पूंजीगत खर्च (Capital Expenditure) की परिभाषा में बड़ा बदलाव

अब तक वित्तीय नियमों के अनुसार एक लाख रुपए तक के कई छोटे-मोटे खर्चों को भी पूंजीगत व्यय मानकर उन्हें सरकारी परिसंपत्ति (Asset) की श्रेणी में दर्ज कर लिया जाता था।

लेकिन नई व्यवस्था में इस पुराने नियम को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब से एक लाख रुपए तक के सभी खर्चों को सीधे तौर पर राजस्व व्यय (Revenue Expenditure) ही माना जाएगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि कम अवधि तक उपयोग में आने वाले उपकरण, जैसे कि ऑफिस के कूलर, पंखे, या अन्य सामान्य उपयोग की सामग्री को अब आधिकारिक रूप से सरकारी परिसंपत्ति नहीं माना जाएगा। सरकार के इस कदम से छोटे-छोटे हिस्सों में बड़े पैमाने पर फर्जी या अनावश्यक खरीदारी दिखाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक लगने की पूरी उम्मीद है।

🔢 बजट कोडिंग प्रणाली में भी होगा बदलाव और नए कोड्स लागू

राज्य सरकार अपने बजट प्रबंधन में उपयोग होने वाले 52 पुराने कोड भी हमेशा के लिए समाप्त कर रही है।

अब तक जिन बजट शीर्षों (Budget Heads) के अंत में '000' का विशेष उपयोग होता था, उन्हें अब हटा दिया गया है और इसके स्थान पर एक आधुनिक व उन्नत कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी। अब नया बजटीय आवंटन '001' से शुरू होगा, जबकि पुराने '000' वाले कोड केवल पिछले वर्षों के लेखा रिकॉर्ड (Accounting Records) तक ही सीमित रखे जाएंगे।

💻 NPS-UPS और डिजिटल खरीद के लिए बनेंगे अलग बजट शीर्ष

इस नई पारदर्शी व्यवस्था में बजट शीर्षों को चार अंकों के बजाय पांच अंकों का बनाया जा रहा है ताकि हिसाब-किताब में और अधिक स्पष्टता आ सके।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत होने वाले सभी खर्चों के लिए अब बिल्कुल अलग बजट शीर्ष निर्धारित किए गए हैं। वहीं, आधुनिक दौर की जरूरतों को देखते हुए डिजिटल उपकरणों और आईटी परिसंपत्तियों की पारदर्शी खरीद के लिए भी अलग से मद बनाई जाएगी। इसके साथ ही, आज के समय में पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुकी साइकिल और टाइपिंग मशीन जैसी पुरानी मदों को सूची से हटाकर समान प्रकृति वाली कल्याणकारी योजनाओं का आपस में एकीकरण (Merger) किया जाएगा।

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