डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी और महार रेजिमेंट की पहल, अग्निवीरों को मिलेंगे स्किल सर्टिफिकेट

सागर यूनिवर्सिटी और महार रेजिमेंट के बीच हुए करार के तहत अग्निवीरों को रोजगारपरक कोर्स कराए जा रहे हैं। जल्द ही यूनिवर्सिटी ड्रोन टेक्नोलॉजी का नया कोर्स शुरू करेगी।

Aug 08, 2026 - 19:59
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डॉ. हरीसिंह गौर यूनिवर्सिटी और महार रेजिमेंट की पहल, अग्निवीरों को मिलेंगे स्किल सर्टिफिकेट

सागर: सागर यूनिवर्सिटी और भारतीय सेना की प्रतिष्ठित महार रेजिमेंट के बीच अग्निवीरों को आधुनिक और रोजगारपरक कोर्स कराने के लिए एक महत्वपूर्ण करार किया गया है। इसी समझौते के तहत अब सागर यूनिवर्सिटी अग्निवीरों के लिए विशेष रूप से नए कोर्स डिजाइन करने जा रही है। वर्तमान में यूनिवर्सिटी के कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से अग्निवीरों को उनकी सेना में सेवा के कार्यकाल के दौरान ही उच्च शिक्षा और रोजगारोन्मुख कोर्स कराने का बेहतरीन इंतजाम किया गया है। इसके अंतर्गत यूनिवर्सिटी और महार रेजिमेंट मुख्यालय पर नियमित कक्षाएँ लगाई जाती हैं, जिससे अग्निवीर अपनी नौकरी के साथ-साथ सागर यूनिवर्सिटी से प्रोफेशनल डिग्री और सर्टिफिकेट भी हासिल कर सकें। इसी कड़ी में अब भारतीय सेना की विशेष माँग पर सागर यूनिवर्सिटी द्वारा 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' पर आधारित नया कोर्स भी शुरू किया जाने वाला है।

📜 कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से अग्निवीरों के लिए सर्टिफिकेट कोर्स

डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर द्वारा कम्युनिटी कॉलेज के जरिए भारतीय सेना के अग्निवीरों के लिए विशेष रोजगारोन्मुख कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। सागर यूनिवर्सिटी और सेना की महार रेजिमेंट के बीच हुए इस एमओयू (MoU) के तहत कम्युनिटी कॉलेज में अग्निवीरों के पंजीयन पिछले वर्ष दिसंबर माह में शुरू किए गए थे।

कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो. काशव ने जानकारी देते हुए बताया कि, "कम्युनिटी कॉलेज के माध्यम से संचालित विभिन्न सर्टिफिकेट कोर्सेज में अग्निवीरों ने बड़े पैमाने पर प्रवेश लिया था। पिछले दिसंबर माह से प्रोफेशनल कम्युनिकेशन सर्टिफिकेट कोर्स, बेसिक कंप्यूटर एप्लीकेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सर्टिफिकेट कोर्स, और योग एवं वेलनेस सर्टिफिकेट कोर्स के तहत कुल 272 पंजीयन किए गए थे।" इन सभी कोर्सों के सफलतापूर्वक पूरा होने पर शुक्रवार को सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, यूनिवर्सिटी के कुलपति, कुलसचिव और अन्य प्रोफेसरों की गरिमामयी उपस्थिति में सभी जवानों को प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) वितरित किए गए।

🛡️ रिटायरमेंट के बाद स्वरोजगार और बेहतर भविष्य में मददगार साबित होंगे ये कोर्स

यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. वाय.एस. ठाकुर ने इस पहल पर अपने विचार रखते हुए कहा कि, "भारतीय सेना की एक प्रमुख इकाई के रूप में महार रेजिमेंट देश के लिए बेहद जांबाज और कुशल सैनिक तैयार कर रही है। सेना में अपनी सेवा देने के बाद जब अग्निवीर सेवामुक्त (रिटायर) होंगे, तो सागर यूनिवर्सिटी द्वारा कराए गए ये कोर्स उनके भविष्य के लिए बेहद मददगार साबित होंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि यूनिवर्सिटी इन जवानों को शैक्षणिक, व्यावसायिक और तकनीकी दक्षता के साथ-साथ डिग्रियाँ भी प्रदान कर रही है, ताकि हमारे वीर जवान अपनी सेवाकालीन अवधि के दौरान ही अपनी अधूरी पढ़ाई जारी रख सकें और सेना की सेवा पूरी होने के बाद अपने जीवनयापन के लिए कोई नया स्वरोजगार स्थापित कर सकें या फिर किसी अन्य क्षेत्र में आसानी से बेहतर नौकरी प्राप्त कर सकें। इसी दूरदर्शी उद्देश्य के साथ इन कोर्सों की शुरुआत की गई है।

🚁 सेना की विशेष माँग पर यूनिवर्सिटी शुरू करने जा रही है 'ड्रोन टेक्नोलॉजी' कोर्स

महार रेजिमेंट की ओर से सूबेदार संजय साहो ने चर्चा के दौरान कहा कि, "वर्तमान समय में देश के अग्निवीरों को आधुनिक तकनीक जैसे ड्रोन संचालन और उसके प्रशिक्षण की बहुत अधिक आवश्यकता है। सैनिकों के पास तकनीकी ज्ञान होने पर वे अपने कार्य को और अधिक उपयोगिता और सटीकता के साथ अंजाम दे सकेंगे।"

सेना की इसी मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. एस.पी. उपाध्याय ने बताया कि, "हम अपने कम्युनिटी कॉलेज के कोर्सेज का दायरा लगातार बढ़ा रहे हैं। अग्निवीरों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम उनके लिए एक विशेष 'ड्रोन टेक्नोलॉजी कोर्स' डिजाइन कर रहे हैं। हमने इस साल पहले ही अग्निवीरों के लिए बेसिक कंप्यूटर और योग जैसे कोर्स शुरू किए थे, जिसके परिणाम बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक रहे हैं।"

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