MP Forest News: मध्य प्रदेश में वन्यजीवों का होगा आदान-प्रदान, मुख्यमंत्री ने दी नए 'टास्क फोर्स' और बोनस वितरण को मंजूरी

सीएम मोहन यादव का बड़ा फैसला: वन्यजीवों के संरक्षण हेतु अन्य राज्यों से होगा आदान-प्रदान। तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 710 करोड़ का बोनस, नई टास्क फोर्स का गठन।

Jun 19, 2026 - 18:29
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MP Forest News: मध्य प्रदेश में वन्यजीवों का होगा आदान-प्रदान, मुख्यमंत्री ने दी नए 'टास्क फोर्स' और बोनस वितरण को मंजूरी

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वन विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश की वन संपदा और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले किए हैं। अब मध्य प्रदेश अन्य राज्यों के साथ वन्यजीवों का आदान-प्रदान करेगा। आंध्र प्रदेश से जंगली कुत्ते (वाइल्ड डॉग्स) लेने के बदले उन्हें बाघ और गौर दिए जाएंगे। इसके साथ ही राजस्थान से 'सोन चिरैया' लाकर प्रदेश के घाटीगांव और गांधीसागर के जंगलों में छोड़ा जाएगा। बैठक में वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व और गांधीसागर अभ्यारण्य में चीतों के विस्तार पर भी चर्चा की गई।

💰 तेंदूपत्ता संग्राहकों को 710 करोड़ का बोनस

बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2026 में प्रदेश में 17.76 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इसके एवज में राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों को 710.71 करोड़ रुपए की बोनस राशि का वितरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्थानीय जनजातीय समुदायों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 300 नए 'देवस्थान' विकसित किए जाएंगे और 700 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में बदलने की प्रक्रिया भी गति पकड़ चुकी है।

🛡️ संगठित अपराधों पर लगेगी लगाम: नई टास्क फोर्स का गठन

वनों में संगठित अपराधों को रोकने के लिए 'राज्य स्तरीय टास्क फोर्स' के गठन को मंजूरी दी गई है। वन मुख्यालय स्तर पर 24 घंटे निगरानी के लिए एक आधुनिक 'कमांड एवं कंट्रोल रूम' स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने खनिज परिवहन पर शुल्क में वृद्धि की अनुमति भी दी है, जिससे विभाग को राजस्व का लाभ होगा।

🚨 मानव-वन्यजीव संघर्ष अब होगी 'राज्य आपदा'

मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को 'राज्य आपदा' घोषित करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि प्रशासन, पुलिस और आपदा मोचन बल मिलकर इसका प्रबंधन कर सकें। हाथियों के प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार ने 6 हाथियों को रेडियो कॉलर लगाने की अनुमति दे दी है और हाथियों की देखरेख के लिए महावतों के पदों में भी वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और पन्ना जैसे 5 प्रमुख नेशनल पार्कों के पास वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर तैयार किए जा रहे हैं।

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