एथेनॉल और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसान संघ का स्पष्ट रुख, जीएम फसलों का विरोध
मेरठ में भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में एथेनॉल, जीएम फसलों, महिला किसानों और व्यापार समझौतों पर व्यापक चर्चा की गई।
उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित माधव कुंज परिसर सभागार में 8 और 9 अगस्त को भारतीय किसान संघ की दो दिवसीय अखिल भारतीय प्रबंध समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एथेनॉल नीति, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता, जीएम (Genetically Modified) फसलों का विरोध, महिला किसानों की भागीदारी, जैविक खेती और संगठन के ग्रामीण स्तर पर विस्तार जैसे कई राष्ट्रीय और नीतिगत विषयों पर बेहद व्यापक चर्चा की गई। भारतीय किसान संघ ने देश के किसानों से जुड़े आर्थिक, कृषि और नीतिगत मामलों पर अपनी आगामी कार्ययोजना और रणनीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है।
🏡 'सदस्यता अभियान के जरिए गांव-गांव तक पहुँचेगा संगठन'
भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन का मूल उद्देश्य गांव की चौपाल पर होने वाली हर आम चर्चा को सीधे देश की नीतियां तय करने वालों तक पहुँचाना है। इसी मुख्य उद्देश्य के साथ आगामी वर्ष को 'सदस्यता वर्ष' के रूप में मनाने और देश के अधिक से अधिक गांवों तक संगठन का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि संगठन खेती से जुड़े आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक मुद्दों को एक मंच पर उठाने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत 30 सितंबर को एक भव्य महिला किसान सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।
🧪 एथेनॉल और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर किसान संघ का रुख
बैठक में किसानों से जुड़े प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। एथेनॉल को लेकर संघ ने स्पष्ट किया कि इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार और अधिक आय मिलने की संभावना बनती है, इसलिए जब भी कृषि उपज का उचित मूल्य मिलने की बात आती है, उसे केवल महंगाई के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। इसके अलावा, प्रांत मंत्री भरत सिंह बैस ने बताया कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ। वर्तमान में दोनों देशों के बीच वार्ता रुकी हुई है और सरकार का यह आश्वासन है कि कृषि, डेयरी व फिशरी क्षेत्र के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा; भविष्य में भी संगठन इस पर पैनी नजर रखेगा।
👩🌾 30 सितंबर को दिल्ली में होगा बड़ा महिला किसान सम्मेलन
अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के अवसर पर भारतीय किसान संघ द्वारा आगामी 30 सितंबर को नई दिल्ली में एक विशाल महिला किसान सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी जोरों पर है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश भर से हजारों महिला किसानों के जुटने की संभावना है। सम्मेलन के मुख्य एजेंडे में गौ-आधारित जैविक खेती, विषमुक्त भोजन, रोगमुक्त जीवन, महिला स्वावलंबन और परिवार प्रबोधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
🧬 जीएम फसलों के विरोध और आत्मनिर्भरता पर जोर
महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने जानकारी दी कि भारतीय किसान संघ ने जीएम (Genetically Modified) फसलों के चलन का कड़ा विरोध जताया है। अतीत में अधिक उत्पादन के दावे के साथ अपनाई गई बीटी कपास जैसी तकनीकों से कपास की खेती को नुकसान पहुँचा है। अब जीन एडिटेड (Gene Edited) चावल के जरिए देश की चावल उत्पादन की आत्मनिर्भरता को प्रभावित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसान संघ ने ऐसे सभी प्रयासों की कड़ी निंदा करते हुए देश के कृषि और किसानों के दीर्घकालिक हितों को सर्वोपरि रखने की जोरदार मांग की है।
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