रतलाम में भारी बारिश का दौर जारी, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में टपका पानी, मरीजों को किया शिफ्ट

रतलाम में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के अलर्ट के बीच जिला अस्पताल की जर्जर बिल्डिंग के आइसोलेशन वार्ड में पानी टपकने से मरीजों को शिफ्ट करना पड़ा।

Aug 11, 2026 - 16:58
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रतलाम में भारी बारिश का दौर जारी, जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में टपका पानी, मरीजों को किया शिफ्ट

मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में स्थित रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार दूसरे दिन भी रुक-रुक कर बारिश का दौर पूरी तरह जारी है। अकेले रतलाम जिले में बीते 24 घंटों के दौरान लगभग ढाई इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे मौसम सुहाना होने के साथ-साथ किसानों की फसलों को भी काफी फायदा पहुँचने की उम्मीद है। हालांकि, इस झमाझम बारिश के कारण शहरी क्षेत्रों में कुछ परेशानियां भी खड़ी हो गई हैं, जहाँ शहर के व्यस्त न्यू रोड और ऐतिहासिक डाट की पुल क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।

⚠️ मौसम विभाग का आगामी दो दिनों तक भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पिछले दो दिनों से मानसून बेहद सक्रिय बना हुआ है। रतलाम तहसील कार्यालय में स्थित मौसम विभाग के प्रभारी लक्ष्मण सिंह खराड़ी ने जानकारी दी कि भोपाल स्थित मौसम केंद्र से प्राप्त निर्देशों के अनुसार क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। इस दौरान तेज हवाओं के साथ अतिवृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई थी। हालांकि यह विशेष चेतावनी का दौर दोपहर तक के लिए प्रभावी था, लेकिन मौसम विभाग ने यह संभावना भी जताई है कि आगामी दो दिनों तक ऐसा ही बारिश का मौसम बना रह सकता है।

🏥 जिला अस्पताल की जर्जर बिल्डिंग का हाल बेहाल, आइसोलेशन वार्ड से मरीज शिफ्ट

एक तरफ जहाँ बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी तरफ रतलाम के जर्जर हो चुके जिला अस्पताल की खस्ताहाल इमारत की पोल खुल गई है। भारी बारिश के कारण जिला अस्पताल के ओपीडी परिसर और आइसोलेशन वार्ड की छत टपकने लगी, जिसके चलते पानी सीधे वार्ड के अंदर भर गया। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीजों को तुरंत दूसरे सुरक्षित कक्षों में शिफ्ट करना पड़ा। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जेपी सिंह ने इस पर सफाई देते हुए बताया कि अस्पताल की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य अभी प्रगति पर है, जिसके कारण पुराने और जर्जर हो चुके भवनों में ही मरीजों का इलाज करना उनकी मजबूरी बना हुआ है। नई बिल्डिंग के निर्माण में हो रही देरी का सीधा खामियाजा फिलहाल अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भुगतना पड़ रहा है।

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