नरसिंहपुर में जंगली भैंसों का आतंक: शाहपुर गांव में फसलों को भारी नुकसान, ग्रामीणों में दहशत
नरसिंहपुर के शाहपुर गांव में सतपुड़ा रेंज से आए जंगली भैंसों ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने पटाखों से भगाने का प्रयास किया। वन विभाग अलर्ट पर।
नरसिंहपुर। सतपुड़ा रेंज के जंगलों से भटककर दो जंगली भैंसों ने नरसिंहपुर के शाहपुर गांव में जमकर उत्पात मचाया है। सोमवार को ये जंगली भैंसे सतपुड़ा रेंज से रिहायशी इलाकों और खेतों तक पहुँच गए, जिन्हें देखकर ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्रामीणों ने बताया कि गांव से लगभग 10 किलोमीटर दूर सतपुड़ा रेंज की पहाड़ियाँ हैं, जहाँ ये जंगली भैंसे पाए जाते हैं। अचानक इतने विशालकाय जानवरों को अपने बीच देखकर किसान खेत छोड़कर भागने पर मजबूर हो गए।
पटाखों के शोर से खेतों की ओर भागे जंगली भैंसे
सबसे पहले इन जंगली भैसों के जोड़े को शाहपुर गांव के मूंग के खेतों में देखा गया। इन जानवरों की ताकत और आक्रामकता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस और वन विभाग को सूचित किया। फसलों को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए ग्रामीणों ने जमकर पटाखे फोड़ने शुरू कर दिए, जिससे भैंसे गन्ने के खेतों की दिशा में भाग गए। स्थानीय निवासी पृथ्वीराज ने बताया कि ग्रामीणों को अब इस बात का डर सता रहा है कि कहीं ये गन्ने के खेतों से निकलकर किसी पर हमला न कर दें।
गर्मी और भोजन का संकट, जंगलों से बाहर आ रहे वन्य जीव
वन्य प्राणी विशेषज्ञ मनीष कुलश्रेष्ठ के अनुसार, "गर्मियों के मौसम में जंगलों के भीतर अक्सर पानी और भोजन का संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में जंगली जानवर हरियाली और पानी की तलाश में रिहायशी इलाकों या हरे-भरे खेतों का रुख कर लेते हैं।" नरसिंहपुर जिले में साल भर खेती और हरियाली बनी रहने के कारण, वन्य जीवों के लिए यह इलाका एक सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है।
क्या पहले भी हो चुका है ऐसा?
यह पहली बार नहीं है जब नरसिंहपुर में जंगली भैंसे जंगल छोड़कर खेतों की ओर आए हों। दो साल पहले भी जंगली भैंसों का एक जोड़ा इसी तरह खेतों में देखा गया था, जिसके कारण पूरे सीजन ग्रामीणों में डर का माहौल था। नरसिंहपुर में जंगली सूअरों के बाद अब जंगली भैंसों के आने से किसानों की चिंताएं और बढ़ गई हैं। वन विभाग ने घटना का संज्ञान लिया है और अब इन जानवरों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
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