बुरहानपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: कपास पर मंडी शुल्क हुआ आधा, जानें क्या होगा फायदा?

मध्य प्रदेश सरकार ने कपास मंडी शुल्क को 1% से घटाकर 0.50% कर दिया है। इससे किसानों और कपास आधारित उद्योगों को बड़ी राहत मिलेगी।

Jun 12, 2026 - 18:23
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बुरहानपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: कपास पर मंडी शुल्क हुआ आधा, जानें क्या होगा फायदा?

बुरहानपुर। मध्य प्रदेश में 'सफेद सोना' कहे जाने वाले कपास की खेती करने वाले किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने कपास उत्पादक किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मंडी शुल्क को 1 प्रतिशत (1 रुपये प्रति सैकड़ा) से घटाकर 0.50 प्रतिशत (50 पैसे प्रति सैकड़ा) कर दिया है। यह मांग बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनीस ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से रखी थी।

 पुनर्जीवित होगा कपास उद्योग

इस निर्णय से न केवल किसानों को, बल्कि व्यापारियों और कृषि आधारित उद्योगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। जानकारों का कहना है कि बुरहानपुर में पिछले एक दशक से कपास उद्योग मंदी की मार झेल रहा था, जिसके चलते कई जिनिंग फैक्ट्रियां बंद हो गई थीं। मंडी शुल्क में कमी आने से अब इन उद्योगों के दोबारा शुरू होने और पलायन कर चुके उद्योगपतियों के वापस लौटने की प्रबल संभावनाएं बन गई हैं।

 किन क्षेत्रों को होगा सीधा लाभ?

सरकार के इस फैसले का लाभ पूरे मध्य प्रदेश को मिलेगा, विशेष रूप से निमाड़ और मालवा क्षेत्र के जिलों को:

  • प्रमुख क्षेत्र: बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, इंदौर, आलीराजपुर, झाबुआ, छिंदवाड़ा, बैतूल और सिवनी। इस निर्णय से स्थानीय स्तर पर उत्पादन बढ़ेगा और मध्य प्रदेश का कपास राज्य की ही प्रसंस्करण इकाइयों (जिनिंग-प्रेसिंग) तक पहुंचेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

 विधायक अर्चना चिटनीस की पहल

विधायक अर्चना चिटनीस ने बताया कि बुरहानपुर में आयोजित 'निमाड़ इंडस्ट्रियल मीट' के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा रखा था। उन्होंने तर्क दिया था कि महाराष्ट्र की तुलना में अधिक मंडी शुल्क होने के कारण मध्य प्रदेश के किसान और व्यापारी प्रतिस्पर्धा में पिछड़ रहे थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने इस मांग को गंभीरता से लिया और कैबिनेट की बैठक में इसे मंजूरी दी।

 किसानों की मांग: CCI केंद्र की स्थापना

किसान सुनील महाजन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे कपास का रकबा दोबारा बढ़ेगा। उन्होंने यह भी मांग की कि अब बुरहानपुर में भारतीय कपास निगम (CCI) का खरीदी केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और उनका पंजीयन आसान हो।

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