भोपाल-रामगंजमंडी रेल परियोजना: श्यामपुर-कुरावर के बीच सफल स्पीड ट्रायल, 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

भोपाल-रामगंजमंडी रेल लाइन के 13.70 किमी खंड का सीआरएस निरीक्षण सफल। 120 किमी की रफ्तार से हुआ स्पीड ट्रायल। जानें परियोजना का लाभ और वर्तमान स्थिति।

Jun 13, 2026 - 13:25
 0
भोपाल-रामगंजमंडी रेल परियोजना: श्यामपुर-कुरावर के बीच सफल स्पीड ट्रायल, 120 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

भोपाल। भोपाल-रामगंजमंडी नई बड़ी रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया गया है। शुक्रवार को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS), मध्य वृत्त मुंबई, गुरु प्रकाश ने श्यामपुर से कुरावर के बीच नवनिर्मित 13.70 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का गहन निरीक्षण किया। यह प्रक्रिया इस रेलखंड को यात्री और मालगाड़ी संचालन के लिए सुरक्षित और उपयुक्त घोषित करने के लिए अनिवार्य है।

 ट्रैक निरीक्षण और स्पीड ट्रायल

निरीक्षण के दौरान सीआरएस ने मोटर ट्राली से पूरे ट्रैक की बारीकी से जांच की। इसमें ट्रैक की गुणवत्ता, पुलों की मजबूती, सिग्नल सिस्टम, दूरसंचार व्यवस्था और समपार फाटकों की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया। इसके बाद श्यामपुर और कुरावर स्टेशन यार्ड की जांच की गई और नई लाइन पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल किया गया। ट्रायल के बाद रेलखंड को संचालन के लिए तकनीकी रूप से फिट पाया गया है।

 परियोजना की वर्तमान स्थिति और लक्ष्य

कुल 276 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुल 27 स्टेशन शामिल हैं। परियोजना का 111 किलोमीटर हिस्सा भोपाल मंडल और 165 किलोमीटर हिस्सा कोटा मंडल के अंतर्गत आता है।

  • भोपाल मंडल का काम: निशातपुरा डी केबिन से कुरावर तक 56 किलोमीटर रेलखंड का कार्य सीआरएस निरीक्षण के साथ पूरा हो चुका है।

  • भविष्य का लक्ष्य: सोनकच्छ-नरसिंहगढ़ और ब्यावरा-सोनकच्छ सेक्शन को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • बजट: भोपाल मंडल में 111 किलोमीटर रेललाइन और 12 स्टेशनों के लिए 1,255 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है।

 इस परियोजना से होगा बड़ा बदलाव

यह रेल मार्ग मध्य प्रदेश और राजस्थान के पांच जिलों (भोपाल, सीहोर, राजगढ़, झालावाड़ और कोटा) को आपस में जोड़ेगा। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि ब्यावरा-झालावाड़ के वर्तमान मार्ग की तुलना में यह नया मार्ग 42 किलोमीटर छोटा होगा। इससे यात्रियों के यात्रा समय में करीब तीन घंटे की बचत होगी, साथ ही ईंधन की खपत कम होने से परिवहन और लॉजिस्टिक लागत में भी भारी कमी आएगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow