Sagar News: 6 साल की 'योगिनी' प्रकृति तिवारी का कमाल, लगातार 285 दिनों से कर रही हैं योगाभ्यास; बनीं प्रेरणा
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सागर की 6 साल की योगिनी प्रकृति तिवारी ने किया हैरान। 285 दिनों से लगातार योग और पढ़ाई में अव्वल। पढ़ें प्रेरणादायक खबर।
सागर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सागर की 6 साल की योगिनी प्रकृति तिवारी ने अपनी अद्भुत प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया। नन्ही प्रकृति ने योगचार्य विष्णु आर्य के साथ मिलकर सैकड़ों लोगों को योगाभ्यास कराया। यह देखकर हर कोई हैरान रह गया कि इतनी कम उम्र में वह न केवल योग के कठिन आसन पूरी निपुणता से करती है, बल्कि एक पेशेवर प्रशिक्षक की तरह बड़ों को भी बारीकियां समझा रही है।
🔥 लगातार 285 दिनों का रिकॉर्ड और दृढ़ इच्छाशक्ति
प्रकृति का अनुशासन इतना मजबूत है कि वह पिछले 285 दिनों से एक भी दिन का विराम लिए बिना योगाभ्यास कर रही है। वह प्रतिदिन कम से कम 12 सेट सूर्य नमस्कार करती है, जबकि उसका व्यक्तिगत रिकॉर्ड एक बार में 45 सेट (लगभग 540 आसन) सूर्य नमस्कार करने का है। दो साल के सतत अभ्यास ने उसे इतनी पारंगत बना दिया है कि वह खुद अब एक शिक्षक की भूमिका में नजर आती है।
📚 पढ़ाई और अनुशासन में भी अव्वल
प्रकृति के पिता महेश तिवारी बताते हैं कि योग ने प्रकृति की जीवनशैली पूरी तरह बदल दी है। वह जंक फूड, टॉफी और अनावश्यक मोबाइल स्क्रीन टाइम से कोसों दूर रहती है। इसका सीधा सकारात्मक असर उसकी पढ़ाई पर भी पड़ा है। स्कूल में उसकी उपस्थिति 100 प्रतिशत रही है और उसे 'बेस्ट अटेंडेंस' का अवार्ड भी मिल चुका है। योग ने उसके भीतर एकाग्रता और ऊर्जा का अद्भुत संचार किया है।
🌟 स्वास्थ्य और प्रेरणा का प्रतीक
प्रकृति के पिता खुद एक योग प्रशिक्षक हैं और उन्होंने कोरोना काल में मरीजों की मदद की थी। उनकी पत्नी साक्षी तिवारी ने भी कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से जंग योग और प्राणायाम के दम पर ही जीती थी। प्रकृति का सपना है कि वह योग के जरिए सागर शहर को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाए। उसका यह सफर साबित करता है कि योग की न तो कोई आयु सीमा है और न ही कोई विकल्प, यह तो जीवन जीने की एक कला है।
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