ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ और बहन के बीच संपत्ति बंटवारे को लेकर कानूनी खींचतान जारी
ग्वालियर में सिंधिया राज परिवार की संपत्ति बंटवारे के विवाद को लेकर जिला अदालत में सुनवाई हुई। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की फुफेरी बहन प्रतिमा देवी पहली बार कोर्ट में पेश हुईं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सिंधिया राज परिवार के बीच पिछले चार दशकों से चला आ रहा संपत्ति बंटवारे का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। सभी पक्षों के बीच आपसी समझौते की कोशिशों के बीच मंगलवार को ग्वालियर जिला अदालत में इस मामले की महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान पहली बार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की तीसरी बुआ स्व. पद्मा राजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी राणा खुद अदालत में उपस्थित हुईं। उन्होंने पिछली सुनवाई के दौरान संपत्ति के बंटवारे और समझौते पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए थे।
📜 अधिकांश पक्ष समझौते के पक्ष में, लेकिन प्रतिमा देवी ने जताया हक और लगाई आपत्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिंधिया राज परिवार की अरबों रुपए की संपत्ति का यह पूरा मामला आपसी समझौते के आधार पर सुलझाने के निर्देश न्यायालय द्वारा दिए गए हैं। इस सिलसिले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पहले ही समझौते के लिए अपना आवेदन दे चुके हैं। चूंकि पद्माराजे सिंधिया अब इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए उनकी तरफ से उनकी बेटी प्रतिमा देवी राणा ने इस संपत्ति पर अपना हक जताते हुए सहमति से होने वाले बंटवारे पर आपत्ति दर्ज की थी। इसके जवाब में पिछली 17 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान प्रतिमा देवी की मौसियों—वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे—की ओर से जवाब प्रतिवेदन पेश किया गया था, जिसमें कहा गया था कि राजीनामा पर दस्तखत करने के बाद इस तरह आपत्ति कैसे लगाई जा सकती है।
⚖️ उषा राजे सिंधिया ने मांगा समय, ग्वालियर से लेकर मुंबई और दिल्ली तक फैला है संपत्ति का विवाद
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रतिमा देवी जिला एवं सत्र न्यायालय पहुँचीं और उन्होंने अपनी मौसियों द्वारा पेश किए गए जवाब की प्रमाणित प्रति की मांग की, जिसमें उनके खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई थी। इस मामले के वकील प्रशांत शर्मा ने बताया कि अब इस बहुचर्चित संपत्ति विवाद की अगली सुनवाई आगामी 10 सितंबर को होगी। चूँकि प्रतिमा देवी पहली बार अदालत में उपस्थित हुई हैं, इसलिए उनकी दलीलों पर बहस के लिए मौसी उषा राजे सिंधिया की ओर से भी कोर्ट से समय मांगा गया है। गौरतलब है कि सिंधिया राज परिवार के पास अरबों की बेशकीमती प्रॉपर्टी है, जिसे लेकर ग्वालियर के अलावा दिल्ली, मुंबई और पुणे की अदालतों में एक दर्जन से अधिक मामले विचाराधीन हैं। ग्वालियर में जय विलास पैलेस, ऊषा किरण पैलेस, छोटी विश्रांति और हिरण्यवन कोठी जैसी आलीशान संपत्तियां इस विवाद के दायरे में हैं।
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