कभी ड्रोन देखकर डरने वाली महिलाएं अब बन गईं पायलट, नैनो यूरिया छिड़काव से हो रही बंपर कमाई

मध्य प्रदेश में 'ड्रोन दीदी' योजना के तहत महिलाओं ने खेतों में उर्वरक छिड़ककर 12 लाख रुपये तक की कमाई की है। अब राज्य में 700 से अधिक महिलाओं की 'ड्रोन दीदी बटालियन' बनाई जाएगी।

Aug 27, 2026 - 09:52
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कभी ड्रोन देखकर डरने वाली महिलाएं अब बन गईं पायलट, नैनो यूरिया छिड़काव से हो रही बंपर कमाई

जो महिलाएं कभी पहली बार आसमान में उड़ते ड्रोन को देखकर डर जाती थीं, वही आज ड्रोन पायलट बनकर खेतों में नैनो यूरिया और कीटनाशकों का छिड़काव कर 12 लाख रुपये तक की शानदार कमाई कर चुकी हैं। स्थिति यह है कि किसानों के बीच मांग इतनी अधिक है कि कई जगहों पर उन्हें 10-10 दिन तक की वेटिंग मिल रही है, और किसान एप के जरिए ड्रोन की बुकिंग कर रहे हैं। वर्तमान में प्रदेशभर में उर्वरक बनाने वाली कंपनियों के सीएसआर फंड और केंद्र सरकार की योजना के तहत स्वसहायता समूह की महिलाओं को 89 ड्रोन दिए गए थे, जो सफलतापूप्रवर्क संचालित हो रहे हैं। इस सफलता को देखते हुए अब राज्य आजीविका मिशन 700 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित कर 'ड्रोन दीदी बटालियन' तैयार करने जा रहा है।

📚 15 दिन का निःशुल्क प्रशिक्षण और एप आधारित बुकिंग से मिल रहा रोजगार

केंद्र सरकार की ओर से वर्ष 2023-24 में विभिन्न राज्यों को 1094 ड्रोन निःशुल्क दिए गए थे, जिनमें से मध्य प्रदेश की महिलाओं को 89 ड्रोन मिले थे। इन महिलाओं और उनके परिवार के एक सदस्य को ड्रोन उड़ाने का 15 दिनों का विशेष और निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया था। योजना के तहत ड्रोन पाने वाली दीदियों ने बताया कि वे प्रति एकड़ छिड़काव के हिसाब से शुल्क लेती हैं और इससे उनकी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया है। ड्रोन के साथ मिले इलेक्ट्रिक वाहन से साजो-सामान लाने-ले जाने में भी काफी सहूलियत मिल रही है।

💼 सफलता की मिसाल बनीं ये महिलाएं: कोई कमा रहा 6 लाख तो किसी की आय पहुंची 12 लाख के पार
  • पहली दीदी: डर पर जीत हासिल कर चुकीं इस महिला ने अब तक 4,500 एकड़ फसल पर छिड़काव किया है। प्रति एकड़ 400 रुपये फीस लेकर वे अब तक 9 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर चुकी हैं।

  • दूसरी दीदी (दसवीं पास): मार्च 2023 में ड्रोन मिलने के बाद कृषि सखी से जुड़ी इस महिला ने 1,570 एकड़ में छिड़काव कर लगभग 6 लाख रुपये की आय अर्जित की है।

  • तीसरी दीदी (स्नातक): 15 दिन के प्रशिक्षण के बाद आज इनकी लोकप्रियता का यह आलम है कि किसानों को इनकी सेवा के लिए 10 दिन तक इंतजार करना पड़ता है, और वे करीब 8 लाख रुपये कमा चुकी हैं।

  • चौथी दीदी (MBA और MSW): वर्ष 2016 में 50 हजार का कर्ज लेकर सिलाई सेंटर चलाने वाली यह महिला आज डीजीसीए लाइसेंस प्राप्त ड्रोन पायलट हैं, और भारी डिमांड के चलते अब तक 12 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त कर चुकी हैं।

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