पिछले 43 सालों से निराश्रित बहनों और मूक-बधिर बच्चों के साथ रक्षाबंधन मना रहे हैं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पिछले 43 सालों से निराश्रित बहनों और मूक-बधिर बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाते आ रहे हैं। इस साल भी उन्होंने आश्रम पहुंचकर बच्चों और बुजुर्गों के साथ राखी का त्योहार मनाया।

Aug 27, 2026 - 12:46
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पिछले 43 सालों से निराश्रित बहनों और मूक-बधिर बच्चों के साथ रक्षाबंधन मना रहे हैं मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां हर तरफ भाई-बहन के प्रेम की धूम होती है, वहीं समाज में कई ऐसी निराश्रित बहनें और बेसहारा लोग भी हैं जिनका दुनिया में कोई नहीं होता। ऐसे तमाम लोगों के जीवन में खुशियां भरने के लिए मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय पिछले 43 सालों से एक अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। इस बार भी उन्होंने परदेशीपुरा स्थित समाज सेवा परिसर पहुंचकर मूक-बधिर, निराश्रित बच्चों और बुजुर्ग बहनों के बीच नाच-गाकर बेहद आत्मीयता के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। इस दौरान आयोजित अंताक्षरी मुकाबले में मंत्री विजयवर्गीय बच्चों से हार गए, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों ने इस पल का जमकर आनंद लिया।

📅 साल 1983 से लगातार जारी है परंपरा, महापौर कार्यकाल से शुरू किया था यह नेक काम

कैलाश विजयवर्गीय अपने महापौर के कार्यकाल से लेकर अब तक बिना किसी व्यवधान के हर साल रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उन बेसहारा लोगों के बीच पहुंचते हैं, जिनका कोई परिवार नहीं होता। वर्ष 1983 से शुरू हुई यह परंपरा आज भी पूरी निष्ठा के साथ निभाई जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी परदेशीपुरा स्थित समाज सेवा परिसर में दर्जनों की संख्या में बुजुर्ग और महिलाएं एकत्र हुए, जिनके लिए राखी, मिठाई, नए कपड़े, साड़ियों और लजीज व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की गई थी। स्थानीय विधायक रमेश मेंदोला और पूरी टीम के सहयोग से विभिन्न आश्रमों के बच्चों को एक स्थान पर लाकर इस पर्व को एक भव्य पारिवारिक आयोजन का रूप दिया जाता है।

🎵 अंताक्षरी और डांस के बीच बंधी राखी, बुजुर्गों और बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान

इस पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण मंत्री विजयवर्गीय और आश्रम के बच्चों के बीच होने वाला अंताक्षरी का मुकाबला और सांस्कृतिक उल्लास रहा। दोनों तरफ से एक-दूसरे को गानों की कड़ियां सुनाने का दौर चला, जिसके साथ ही जमकर डांस भी हुआ। मंत्री विजयवर्गीय ने यहां की निराश्रित बहनों और बुजुर्गों के साथ ठुमके लगाए और खुशियां बांटी। इसके बाद सभी बहनों और बच्चों ने उन्हें पारंपरिक तरीके से राखी बांधी, जिसके बदले में उन्हें उपहार, साड़ियां और नगद राशि वितरित की गई। मंत्री विजयवर्गीय का कहना है कि यह आयोजन अब एक परंपरा बन चुका है, और इन लोगों के चेहरे की मुस्कान ही उनके लिए सबसे बड़ा उपहार है।

🏆 बच्चों ने दी मात: अंताक्षरी मुकाबले में मंत्री को मिली हार

बुधवार को समाज सेवा परिसर में आयोजित इस स्नेह मिलन समारोह के दौरान एक मजेदार पल तब आया जब महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ, अनुभूति सेवा केंद्र, आस्था वृद्धाश्रम और वानप्रस्थ आश्रम के बच्चों ने अंताक्षरी के खेल में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को हरा दिया। मुकाबले के दौरान दो ऐसे मौके आए जब बच्चे तो गाना गाने में सफल रहे, लेकिन विजयवर्गीय तय समय में गाना नहीं गा पाए। इस मासूम और खुशनुमा हार ने पूरे माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया, और सभी ने तालियां बजाकर इस पल का स्वागत किया।

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