बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा नकली घी, मावा और मिलावटी मिठाई, 1 महीने में 11 क्विंटल प्रोडक्ट जब्त

मध्य प्रदेश में त्योहारी सीजन के बीच मिलावटी मिठाइयों और घी का बड़ा कारोबार सामने आया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी कर 11 क्विंटल से अधिक मिलावटी उत्पाद जब्त किए हैं।

Aug 27, 2026 - 12:55
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बाजार में धड़ल्ले से बिक रहा नकली घी, मावा और मिलावटी मिठाई, 1 महीने में 11 क्विंटल प्रोडक्ट जब्त

बाजार में चमकती हुई पैकिंग वाली मिठाइयां, दमदार दिखने वाला घी या स्वादिष्ट पनीर बाहर से जितना आकर्षक लगता है, अंदर से उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है। त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की है, जिसमें नए-नए ब्रांड के नाम से बाजार में मिलावटी मिठाइयां और घी खपाए जाने का भंडाफोड़ हुआ है। जांच में सामने आया है कि इनमें से अधिकांश मिलावटी खाद्य पदार्थ पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र और गुजरात से सप्लाई किए जा रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने पिछले एक महीने के भीतर प्रदेशभर में 11 क्विंटल से अधिक मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की है, जिसमें पाम ऑयल और खतरनाक ट्रांस फैट वाले तत्व पाए गए हैं।

🔍 सीहोर रोड स्थित ट्रेडिंग कंपनी पर छापा: छोटे अक्षरों में लिखी सामग्री का खेल और 114 किलो मिठाई जब्त

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भोपाल के सीहोर रोड स्थित साई मावा ट्रेडिंग कंपनी पर औचक निरीक्षण किया। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर भोपाल और सीहोर के बाजारों में सप्लाई के लिए तैयार की गई हलवा, बर्फी और अन्य मिठाइयों के पैकेटों की जब बारीकी से जांच की गई, तो पाया कि पैकेट पर बहुत ही छोटे अक्षरों में सामग्री (इंग्रेडिएंट्स) लिखी गई थी। जब इसे पढ़ा गया तो खुलासा हुआ कि मिठाइयां असली दूध की बजाय 'मिल्क सॉलिड्स' (मिल्क पाउडर), हाइड्रोजेनेटेड ऑयल और 'रिफाइंड पामोलिन ऑयल' (ताड़ का तेल) मिलाकर तैयार की गई थीं। अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके से 114 किलोग्राम ऐसी संदेहास्पद मिठाइयां जब्त कर सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।

🛑 घी से लेकर पनीर तक सब मिलावटी: 25 से अधिक घी के ब्रांड जांच में मिले असुरक्षित

खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के अनुसार, त्योहारों पर मांग बढ़ने के कारण बाहर से बड़े पैमाने पर मावा, पनीर, मिल्क केक और घी आ रहा है। जांच में लगभग 25 घी के ब्रांड पूरी तरह असुरक्षित पाए गए हैं, जिनमें पाम ऑयल और अन्य हानिकारक मिलावट की पुष्टि हुई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के कमिश्नर मनोज पुष्प ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र और गुजरात के खाद्य सुरक्षा विभागों को पत्र लिखकर इन मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।

🩺 डायटीशियन की चेतावनी: पैकेट पर लिखे इंग्रेडिएंट्स को पढ़ना क्यों है जरूरी?

सीनियर डायटीशियन डॉ. अमिता सिंह का कहना है कि लोग अक्सर पैक्ड फूड खरीदते समय उसमें इस्तेमाल सामग्री को पढ़ना जरूरी नहीं समझते। कंपनियां भी ग्राहकों को भ्रमित करने के लिए नए-नए नाम इस्तेमाल करती हैं—जैसे मिल्क पाउडर को 'मिल्क सॉलिड्स' और पाम ऑयल को 'रिफाइंड पामोलिन' लिख दिया जाता है। इसी तरह 'शुगर फ्री' के नाम पर 'मॉल्टोडेक्सट्रिन' या 'डेक्सट्रोज' मिलाया जाता है, जो शुगर का ही दूसरा रूप है।

💔 सेहत के लिए जानलेवा है पाम ऑयल और मिल्क पाउडर का सेवन

विशेषज्ञों के मुताबिक, मिठाइयों में असली दूध के स्थान पर मिल्क पाउडर का इस्तेमाल करने से शरीर में कैलोरी, शुगर और फैट तेजी से बढ़ता है, जिससे मोटापा और वजन में बेहिसाब बढ़ोतरी होती है। वहीं, रिफाइंड पामोलिन और हाइड्रोजेनेटेड ऑयल (वनस्पति घी/डाल्डा) शरीर में खतरनाक ट्रांस फैट को बढ़ाते हैं। इससे बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्रायग्लिसराइड्स का स्तर तेजी से ऊपर जाता है, जिससे भविष्य में दिल की बीमारियों (हार्ट स्ट्रोक और कार्डियक अरेस्ट) का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

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