कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद मामले में अटका पेंच, उमंग सिंघार बोले—क्या मंत्रियों के लिए अलग है कानून?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मंत्री विजय शाह के खिलाफ कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद में अभियोजन स्वीकृति देने की मांग की है। सरकार पर मंत्री को बचाने का आरोप लगाया गया है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर की गई विवादित टिप्पणी का मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस प्रकरण में फंसे मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन (प्रॉसिक्यूशन) की मंजूरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल को पत्र लिखा है। नेता प्रतिपक्ष ने इस खत के जरिए राज्यपाल से मांग की है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द अभियोजन की स्वीकृति पर निर्णय लें। सिंघार ने मोहन सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर सत्ता में बैठे एक मंत्री के लिए कानून अलग क्यों होना चाहिए और सरकार अभियोजन की अनुमति देने में क्यों टालमटोल कर रही है।
⚖️ "मंत्री के लिए अलग कानून क्यों?"—सरकार पर अपने नेता को बचाने का गंभीर आरोप
राज्यपाल को लिखी गई चिट्ठी में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस संवेदनशील और गंभीर मामले में जांच के लिए गठित विशेष एसआईटी (SIT) पहले ही अभियोजन स्वीकृति की मांग कर चुकी है, लेकिन मोहन सरकार अपने मंत्री को बचाने के लिए इस फाइल को लटकाए हुए है। इससे सरकार की कार्यप्रणाली और मंशा दोनों पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। सिंघार ने जोर देकर कहा कि देश का संविधान और कानून सभी नागरिकों के लिए समान है, और केवल पद पर होने के कारण किसी भी मंत्री को विशेष संरक्षण या छूट नहीं दी जा सकती।
⏳ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बावजूद सरकार के स्तर पर मंजूरी अभी भी पेंडिंग
नियमों के मुताबिक, किसी भी जनप्रतिनिधि या मंत्री के खिलाफ आपराधिक प्रकरण या कानूनी कार्रवाई शुरू करने से पहले शासन (सरकार) की अनुमति होना अनिवार्य होता है। इस मामले में एसआईटी द्वारा जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने और अभियोजन की अनुमति मांगने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट या आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। खास बात यह है कि इस विषय में सुप्रीम कोर्ट भी सरकार को पहले ही जल्द से जल्द फैसला लेने के निर्देश दे चुका है, इसके बावजूद फाइल अभी भी ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है।
🔍 क्या है पूरा विवाद? महू के सार्वजनिक कार्यक्रम से जुड़ा है मामला
यह पूरा विवाद करीब एक साल पहले महू में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम से शुरू हुआ था, जहां मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर एक विवादित टिप्पणी कर दी थी। उल्लेखनीय है कि कर्नल सोफिया कुरैशी 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान मीडिया के सामने आकर उससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने के कारण देश भर में चर्चा और सम्मान का केंद्र बनी थीं। इस विवादित बयान के सामने आने के बाद से ही विपक्षी दल लगातार मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर हमलावर बने हुए हैं।
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