डी-मार्ट के स्टॉक में क्विंटल की जगह मीट्रिक टन दर्ज होने से मचा हड़कंप, अधिकारियों ने की जांच

भोपाल के डी-मार्ट में शक्कर के स्टॉक को लेकर दिल्ली से आई टीम ने जांच की है। ऑनलाइन पोर्टल पर क्विंटल की जगह मीट्रिक टन दर्ज होने से भ्रम फैला था।

Aug 28, 2026 - 15:33
0
डी-मार्ट के स्टॉक में क्विंटल की जगह मीट्रिक टन दर्ज होने से मचा हड़कंप, अधिकारियों ने की जांच

त्योहारी सीजन के दौरान शक्कर की कीमतों और जमाखोरी पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है, इसी कड़ी में भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित डी-मार्ट का स्टॉक जांच के दायरे में आ गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर यहाँ 5,000 मीट्रिक टन शक्कर का स्टॉक दर्ज दिखाई दे रहा था, जबकि दिल्ली से पहुंची शक्कर संचालनालय की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया, तो वहाँ करीब 50 मीट्रिक टन (5,000 क्विंटल) शक्कर ही पाई गई। अधिकारियों की शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरा भ्रम स्टॉक की मात्रा दर्ज करते समय इकाई (यूनिट) की गलती के कारण फैला था।

📋 क्विंटल की जगह मीट्रिक टन में चढ़ गया था आंकड़ा, गलत ई-मेल आईडी के कारण नहीं मिला संदेश

जांच के दौरान यह बात सामने आई कि डी-मार्ट प्रबंधन द्वारा लगभग 5,000 क्विंटल शक्कर का स्टॉक पोर्टल पर चढ़ाया जाना था, लेकिन डेटा फीड करते समय गलती से यह आंकड़ा 'क्विंटल' की जगह 'मीट्रिक टन' में दर्ज हो गया। इस तकनीकी गलती के कारण पोर्टल पर वास्तविक मात्रा से कई गुना अधिक स्टॉक नजर आने लगा। हालांकि, डी-मार्ट प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने इस गलती की जानकारी ई-मेल के जरिए विभाग को देने की कोशिश की थी, लेकिन जिस ई-मेल पते पर सूचना भेजी गई थी वह गलत था, जिस कारण सही समय पर संदेश संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच सका।

🔍 दिल्ली से शक्कर संचालनालय की टीम ने किया रिकॉर्ड और भौतिक स्टॉक का मिलान

मामला सामने आने के बाद दिल्ली से शक्कर संचालनालय की एक विशेष टीम गुरुवार को भोपाल के डी-मार्ट पहुँची। टीम ने स्टोर में मौजूद शक्कर के भौतिक स्टॉक का जायजा लिया और ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों के साथ उसका मिलान किया। इस दौरान प्रबंधन से स्टॉक से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज भी तलब किए गए। अधिकारियों ने प्रबंधन के बयान दर्ज करने के साथ ही सही ई-मेल पते पर वास्तविक स्टॉक की जानकारी तत्काल दोबारा भेजने के कड़े निर्देश दिए हैं।

⚖️ केंद्र सरकार द्वारा तय की गई है शक्कर के स्टॉक की सीमा

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा देश में शक्कर की कीमतों को नियंत्रित रखने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक स्टॉक की विशेष निगरानी की जा रही है। नियमों के तहत एक निश्चित स्थान पर अधिकतम 4,000 क्विंटल शक्कर ही रखने और उसकी नियमित जानकारी पोर्टल पर अपडेट करने का प्रावधान है। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रमान सिंह जादौन ने बताया कि ऑनलाइन एंट्री में हुई इसी चूक और समय पर स्पष्टीकरण न मिलने के कारण यह पूरी स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसे अब दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट कर लिया गया है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User