इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन शामिल; जबलपुर को बाहर रखने पर केंद्र सरकार से किए गए सवाल

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने जबलपुर को एक्सपोर्ट हब की सूची में शामिल न करने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे शहर के साथ राजनीतिक साजिश करार दिया है।

Aug 30, 2026 - 09:45
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इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन शामिल; जबलपुर को बाहर रखने पर केंद्र सरकार से किए गए सवाल

देशभर के 500 जिलों को ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के तौर पर विकसित करने की केंद्र सरकार की योजना के बीच, मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर जबलपुर को इस सूची में शामिल नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक तीखी पोस्ट साझा करते हुए सवाल उठाया है कि आखिर क्या जबलपुर को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमजोर करने के लिए कोई सोची-समझी राजनीतिक साजिश रची जा रही है। तन्खा ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब जबलपुर के आम नागरिकों की उदारता और सहनशीलता को उनकी कमजोरी मान लिया गया है, और इस फैसले से शहर को होने वाले नुकसान को लेकर जिम्मेदार लोगों को कोई चिंता नहीं है।

📊 इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन शामिल, नर्मदापुरम की जगह जबलपुर को मिलने की थी उम्मीद

अपने बयान में विवेक तन्खा ने सवाल किया कि जब मध्य प्रदेश से इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों को एक्सपोर्ट हब की इस आधिकारिक सूची में जगह दी गई है, तो औद्योगिक और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण जबलपुर को इससे बाहर क्यों रखा गया। उनका तर्क था कि प्रशासनिक और भौगोलिक संभावनाओं के आधार पर नर्मदापुरम के स्थान पर जबलपुर को इस सूची में प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए था, क्योंकि यह शहर कई क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान रखता है।

🌾 रक्षा उत्पादन और कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं, फिर भी हुई अनदेखी

जबलपुर में निर्यात की संभावनाओं को रेखांकित करते हुए कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस क्षेत्र में डिफेंस यानी रक्षा उत्पादन (डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग), प्रसिद्ध स्टोन क्राफ्ट, देश भर में लोकप्रिय हरे मटर और विभिन्न कृषि उत्पादों के निर्यात की भारी और प्रबल संभावनाएं मौजूद हैं। इसके बावजूद शहर को इस बड़े राष्ट्रीय प्रोजेक्ट से दूर रखना यहाँ के विकास के साथ अन्याय है। स्थानीय स्तर पर भी इस फैसले के बाद से लगातार यह चर्चा बनी हुई है कि यदि जबलपुर जैसे सक्षम शहर को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाता, तो विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के व्यापारिक परिदृश्य को एक नई रफ्तार मिलती।

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