पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद कॉलेज को बीएएमएस और एमडी-एमएस सीटों पर मिली मान्यता
भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग ने आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता की पहली सूची जारी कर दी है। मध्य प्रदेश के 5 शासकीय और 16 निजी कॉलेजों को मान्यता मिली है।
देशभर के आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने कॉलेजों की मान्यता की पहली आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची के सामने आने के बाद मध्य प्रदेश के कई आयुर्वेद महाविद्यालयों के लिए राहत भरी खबर आई है। ताजा अपडेट के अनुसार, प्रदेश के कुल 5 शासकीय और 16 निजी आयुर्वेद कॉलेजों को इस वर्ष सत्र के लिए सफलतापूर्वक मान्यता मिल गई है। इस मान्यता के मिलने से इन कालेजों में प्रवेश प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है, जिससे छात्रों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है।
🎓 भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा कॉलेज को मिली बीएएमएस और एमडी-एमएस सीटों की मान्यता
राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज को इस सूची में बड़ी राहत मिली है। इस संस्थान को स्नातक यानी बीएएमएस (BAMS) पाठ्यक्रम के लिए 75 सीटों और स्नातकोत्तर यानी एमडी-एमएस (MD-MS) के लिए 74 सीटों पर प्रवेश देने की आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है। इसके अतिरिक्त राज्य के अन्य प्रमुख शासकीय संस्थानों जैसे ग्वालियर, उज्जैन, बुरहानपुर और रीवा के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालयों को भी एनसीआईएसएम द्वारा मान्यता प्रदान कर दी गई है, जिससे इन शहरों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।
⚠️ इंदौर और जबलपुर के शासकीय कॉलेजों की मान्यता पर निर्णय अभी भी अटका
एक तरफ जहाँ कई कॉलेजों को हरी झंडी मिल चुकी है, वहीं दूसरी तरफ इंदौर और जबलपुर के शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता पर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है और इन पर निर्णय फिलहाल लंबित रखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में कुल 39 आयुर्वेद कॉलेज संचालित हैं, जिनमें बीएएमएस पाठ्यक्रम की कुल 2,700 सीटें उपलब्ध हैं। शिक्षाविदों और छात्रों को उम्मीद है कि जल्द ही लंबित पड़े कॉलेजों के मामलों पर भी आयोग सकारात्मक निर्णय लेगा ताकि शेष विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
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