श्रावण मास में 5 लाख से ज्यादा कावड़ यात्री पहुंचे उज्जैन, अन्नक्षेत्र में 3.47 लाख भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी

उज्जैन के महाकाल मंदिर में श्रावण माह के दौरान दर्शन करने वाले भक्तों का आंकड़ा पहली बार डेढ़ करोड़ से ज्यादा पहुंच गया है। जानिए सावन की पूरी रिपोर्ट।

Aug 30, 2026 - 15:59
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श्रावण मास में 5 लाख से ज्यादा कावड़ यात्री पहुंचे उज्जैन, अन्नक्षेत्र में 3.47 लाख भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी

विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में यूं तो सालभर सामान्य दिनों में भी लाखों भक्त दर्शन लाभ लेने पहुँचते हैं, लेकिन पवित्र श्रावण माह का नजारा और यहाँ की ऊर्जा पूरी तरह अलौकिक होती है। इस वर्ष के सावन महीने में महाकाल की नगरी उज्जैन में आस्था का एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड कायम हुआ है। पहली बार ऐसा हुआ है जब श्रावण माह के दौरान ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं का आँकड़ा डेढ़ करोड़ से अधिक दर्ज किया गया है। श्रद्धालुओं की इस रिकॉर्ड तोड़ भीड़ को सहेजना और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना मंदिर समिति के लिए एक बड़ी चुनौती था, जिस पर प्रबंधन ने विशेष जोर देते हुए श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन, बेहतर सुरक्षा और उच्च कोटि की भोजन प्रसादी के विशेष इंतजाम किए थे।

👥 कुल 1.57 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई हाजिरी, अन्नक्षेत्र में 3.47 लाख लोगों ने की प्रसादी ग्रहण

श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया के अनुसार, इस बार श्रावण माह में मंदिर के भीतर गर्भगृह और गणेश मंडप से सीधे दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1,13,25,210 रही। वहीं, भगवान महाकाल की विभिन्न पारंपरिक सवारियों के दौरान और नागचंद्रेश्वर भगवान के दुर्लभ दर्शन करने पहुँचे भक्तों की संख्या लगभग 43,75,000 दर्ज की गई। इस प्रकार सावन के पूरे महीने में दर्शन करने वाले कुल श्रद्धालुओं का कुल आँकड़ा 1,57,00,210 पर जा पहुँचा। इसके अलावा, मंदिर के विशाल अन्नक्षेत्र में श्रावण माह के दौरान कुल 3,47,912 श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ स्वच्छ और सात्विक भोजन प्रसादी ग्रहण की। इस दौरान बाबा महाकाल को जल अर्पित करने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से 5 लाख से अधिक कावड़ यात्री उज्जैन पहुँचे, जिनकी सुविधा के लिए विशेष रूप से 5 स्थानों पर लगभग 2.80 लाख कावड़ यात्रियों को भोजन प्रसादी उपलब्ध कराई गई।

💰 शीघ्र दर्शन और लड्डू प्रसाद बिक्री से हुई बंपर आय, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन

श्रावण मास के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कुल 5,76,370 शीघ्र दर्शन टिकट जारी किए गए, जिससे मंदिर प्रशासन को लगभग 14.47 करोड़ रुपये की राजस्व आय प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त, बाबा की प्रिय लड्डू प्रसादी की बंपर बिक्री से मंदिर को 10.49 करोड़ रुपये की आय हुई। पूरे सावन माह के दौरान भक्तों ने महाकाल प्रसाद के रूप में कुल 2,215.939 क्विंटल लड्डू प्रसादी खरीदी। इस पावन महीने में आयोजित सांस्कृतिक उत्सवों में देश के नामी कलाकारों ने भगवान शिव के 'शिव अर्धांग' भाव को केंद्र में रखकर संगीत और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं। श्रावण महोत्सव में कुल 17 और संस्कृति संध्या में 35 प्रस्तुतियां हुईं, जिसमें लगभग 350 कलाकारों ने अपनी कला का जौहर दिखाया। अक्टूबर 2022 में 'श्री महाकाल लोक' के लोकार्पण के बाद से सावन माह में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जो इस वर्ष बढ़कर 1.57 करोड़ के ऐतिहासिक आँकड़े को पार कर गई है।

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