ऊंचे टैक्स दरों के अपने मकसद में नाकाम रहने के बाद सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, सोने के दामों में आई गिरावट

सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का असर उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। अवैध व्यापार बढ़ने के कारण केंद्र सरकार अब आयात शुल्क घटाने पर विचार कर रही है।

Aug 31, 2026 - 15:14
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ऊंचे टैक्स दरों के अपने मकसद में नाकाम रहने के बाद सरकार ले सकती है बड़ा फैसला, सोने के दामों में आई गिरावट

सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी (आयात शुल्क) बढ़ाने का सरकार का पूर्व फैसला उम्मीद के मुताबिक सकारात्मक नतीजे नहीं दे सका है। देश में सोने के आयात पर लगाम लगाने के उद्देश्य से बढ़ाई गई इस ड्यूटी के बावजूद मांग में कोई खास कमी दर्ज नहीं की गई, बल्कि इसके विपरीत देश में अवैध व्यापार और ग्रे मार्केट में तेजी से इजाफा हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए अब यह खबर सामने आ रही है कि केंद्र सरकार सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को घटाने को लेकर बेहद गंभीर चर्चा कर रही है। जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने मीडिया को जानकारी दी है कि भारी-भरकम टैक्स रेट अपने उद्देश्यों में पूरी तरह नाकाम साबित हुए हैं, जिसके बाद सरकार इस नीति पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर हुई है।

📈 अवैध कारोबार में हुआ इजाफा, सही समय की तलाश में जुटी है केंद्र सरकार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब सरकार ने सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की थी, तभी ज्वेलरी इंडस्ट्री के निकायों ने पहले ही चेतावनी दे दी थी कि इतने अधिक टैक्स से केवल अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और धरातल पर बिल्कुल वैसा ही देखने को मिला। सरकार को उम्मीद थी कि ड्यूटी बढ़ने से सोने का आयात कम होगा, लेकिन मात्रा में कोई खास गिरावट नहीं आई और लोगों ने टैक्स बचाने के लिए अवैध रास्तों का सहारा लेना शुरू कर दिया। फिलहाल इस मुद्दे पर सरकार के भीतर लगातार मंथन चल रहा है और किसी भी अंतिम फैसले के लिए एक उचित समय का इंतजार किया जा रहा है। गौरतलब है कि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सरकार ने कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था।

📉 भारत में सोने की भारी डिमांड और कीमतों में आई नरमी

वैश्विक स्तर पर चीन के बाद भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्वर्ण उपभोक्ता देश है, जहाँ प्रतिवर्ष लगभग 700 से 900 टन सोने का आयात किया जाता है। वित्त वर्ष 26 के दौरान सोने का आयात मूल्य के लिहाज से बढ़कर 71.9 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया। इन तमाम चर्चाओं और घटनाक्रमों के बीच घरेलू बाजारों में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। कमजोर हाजिर मांग (Spot Demand) के चलते फ्यूचर ट्रेड में सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद सोना फिसलकर 1,54,236 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है।

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