रचना नगर और अरेरा कॉलोनी समेत कई इलाकों में सील किए गए प्रतिष्ठान, 8,264 नोटिस के बाद हुई सख्त कार्रवाई
भोपाल के रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर यह अभियान चलाया जा रहा है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रिहायशी इलाकों और आवासीय परिसरों में नियमों को ताक पर रखकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों के खिलाफ अब नगर निगम ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के निर्देशों का पालन करते हुए भोपाल में सोमवार सुबह से बड़े पैमाने पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। निगम की विशेष टीमों ने महज दो घंटे के भीतर शहर के अलग-अलग हिस्सों में छह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गतिविधियों को बंद करा दिया। इस दौरान रचना नगर स्थित जूंबा डांस हाउस को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि सर्वधर्म, अरेरा कॉलोनी और खानूगांव जैसे पॉश इलाकों में भी ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई। कई जगहों पर तो निगम अमले के पहुँचने से पहले ही संचालकों ने खुद अपनी दुकानें और गतिविधियां समेट लीं।
📋 8,264 नोटिस जारी होने के बाद उठी प्रशासनिक गाज, कई जगह पुलिस बल भी रहा तैनात
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, 26 अगस्त तक रिहायशी भवनों में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां चलाने वाले कुल 8,264 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके थे। इन सभी नोटिसों के विस्तृत परीक्षण के बाद रविवार को 24 घंटे का अंतिम नोटिस दिया गया, और सोमवार सुबह से मौके पर सीलिंग का काम शुरू कर दिया गया। वार्ड-58 के गौतम नगर स्थित आवासीय भवन में चल रहे होटल को भी सील किया गया। ई-3 अरेरा कॉलोनी में जब निगम की टीम पहुँची तो कुछ दुकानदारों ने मोहलत की मांग की, लेकिन अधिकारियों ने दो टूक कहा कि पर्याप्त समय पहले ही दिया जा चुका है। किसी भी अप्रिय स्थिति या हंगामे से निपटने के लिए मिसरोद, हबीबगंज, रातीबड़, कोहेफिजा, गोविंदपुरा, ऐशबाग और कोलार समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों का पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
⚠️ शहर के अन्य इलाकों में भी जारी रहेगी कार्रवाई, तख्तियां लगाकर दी गई चेतावनी
निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान अभी थमा नहीं है और आने वाले दिनों में भोपाल के अन्य रिहायशी इलाकों में भी नियम विरुद्ध चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। जिन परिसरों पर कार्रवाई की गई है, वहाँ निगम की ओर से विशेष तख्तियां भी लगाई गई हैं, जिन पर यह स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया है कि इस भवन में सभी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां प्रतिबंधित और बंद कर दी गई हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य इलाकों में अवैध रूप से दुकानें और संस्थान चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।
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