कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला, मंत्री विजय शाह की जांच पूरी, राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मंत्री विजय शाह की जांच पूरी हो चुकी है। एसआईटी ने सीलबंद रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी है और अब राज्यपाल के फैसले का इंतजार है।

Aug 31, 2026 - 19:15
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कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला, मंत्री विजय शाह की जांच पूरी, राज्यपाल की मंजूरी का इंतजार

कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई अंतिम राहत नहीं मिली है, लेकिन सोमवार को हुई सुनवाई में यह साफ हो गया है कि इस मामले में मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी जांच पूरी कर ली है। एसआईटी की यह जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक सीलबंद लिफाफे में पेश कर दी गई है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अभियोजन की मंजूरी (Prosecution Sanction) का इंतजार किया जा रहा है, जिस पर अंतिम निर्णय वर्तमान में राज्यपाल के स्तर पर लंबित है। सरकार की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया है कि इस पर जल्द ही निर्णय आने की उम्मीद है।

📋 एसआईटी ने पूरी की जांच, मुख्य न्यायाधीश की पीठ के सामने रखी गई रिपोर्ट

यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जायमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की विशेष पीठ के समक्ष हुई। अदालत में जांच अधिकारी एवं डीआईजी इंटेलिजेंस डी. कल्याण चक्रवर्ती की तरफ से यह जानकारी दी गई कि एसआईटी ने अपनी सभी जांच प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। अदालत के पूर्व निर्देशों के अनुपालन में इस जांच रिपोर्ट को पूरी तरह गोपनीय और सीलबंद रखा गया है। जांच पूरी होने के बाद अब संबंधित सक्षम अदालत में आरोपपत्र (Chargesheet) दाखिल करने या फिर मामले को बंद करने की रिपोर्ट पेश करने की अगली प्रक्रिया पूरी की जानी है, जो पूरी तरह से प्रशासनिक और संवैधानिक स्वीकृतियों पर निर्भर है।

⚖️ अभियोजन मंजूरी मिलने पर तय होगी आगे की राह, मंत्री की ओर से सार्वजनिक माफी का भी दिया गया हवाला

मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पैरवी कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने अदालत को बताया कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई या अभियोजन चलाने की मंजूरी की फाइल पर कैबिनेट स्तर पर विचार होने के बाद उसे राज्यपाल के पास भेज दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने जब यह पूछा कि क्या जांच पूरी होने के बाद अब केवल सरकार की मंजूरी का इंतजार है, तो इस पर सकारात्मक जवाब दिया गया। कोर्ट को बताया गया कि यदि अभियोजन की मंजूरी मिलती है तो सक्षम अदालत में आरोपपत्र पेश किया जाएगा, अन्यथा क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। वहीं, मंत्री विजय शाह के वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट का ध्यान इस ओर आकर्षित किया कि मंत्री ने बयान के अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी, जिसे प्राधिकारी विचार के दौरान ध्यान में रख सकते हैं। फिलहाल कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है और जांच अधिकारी को व्यक्तिगत पेशी से राहत दे दी है।

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