बिना किसी बाहरी निवेश के खड़ा किया कृषि स्टार्टअप, जानिए कैसे किसानों की उलझन बना कारोबार का शानदार आइडिया
ग्वालियर के शिवांकुर गुप्ता ने 'ट्रैक्टर ज्ञान' नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जहां किसानों को एक ही जगह पर सभी ट्रैक्टरों की कीमत, तुलना और कृषि उपकरणों की जानकारी मिलती है।
भारत में किसान के लिए ट्रैक्टर खरीदना केवल पसंद या शौक का मामला नहीं होता, बल्कि खेत का आकार, खेती का काम, तय बजट और ट्रैक्टर की कार्यक्षमता जैसे कई अहम सवाल सही मशीन चुनने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर निवासी शिवांकुर गुप्ता ने किसानों की इसी दैनिक उलझन और समस्या को अपने कारोबार का आइडिया बनाया। साल 2016 में उन्होंने 'ट्रैक्टर ज्ञान' नाम से एक अनूठा डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया, जहाँ देश भर के किसानों को अलग-अलग ब्रांड के ट्रैक्टरों की कीमत, क्षमता, आधुनिक सुविधाओं और तकनीकी विशेषताओं की जानकारी एक ही जगह पर उपलब्ध कराई जाती है। पिछले 10 वर्षों के लंबे सफर में इस मंच से 13 लाख से अधिक किसान जुड़ चुके हैं और यह कृषि क्षेत्र में एक बड़ा डिजिटल माध्यम बन चुका है।
📊 एक ही मंच पर ट्रैक्टरों की तुलना और पुराने वाहनों की खरीद-बिक्री की सुविधा
ट्रैक्टर खरीदने से पहले अक्सर किसानों के सामने यह बड़ी चुनौती होती है कि विभिन्न कंपनियों के मॉडल्स की सही जानकारी अलग-अलग स्थानों पर खोजने के कारण उनकी तुलना करना बेहद कठिन होता है। इस समस्या का समाधान करते हुए 'ट्रैक्टर ज्ञान' पर किसानों को दो या दो से अधिक ट्रैक्टरों की आपस में तुलना (Comparison) करने की अनूठी सुविधा दी जाती है, जिससे सही निर्णय लेने में आसानी होती है। इस प्लेटफॉर्म पर न केवल नए बल्कि पुराने ट्रैक्टरों की खरीद-बिक्री के लिए विज्ञापन और लिस्टिंग की सुविधा भी मिलती है। इसके अलावा ट्रैक्टर के साथ-साथ ट्रॉली, हार्वेस्टर, थ्रेशर और अन्य कृषि उपकरणों से जुड़ी तमाम जानकारियां भी यहाँ आसानी से मिल जाती हैं।
💡 बिना किसी बाहरी निवेश के खड़ा किया गया स्टार्टअप, यूट्यूब पर भी हैं लाखों फॉलोवर्स
वर्तमान में इस स्टार्टअप का मुख्य आधार इंदौर में स्थित है, और शुरुआती दौर की एक साधारण सूचना आधारित वेबसाइट से यह प्लेटफॉर्म अब कृषि मशीनरी से जुड़े एक व्यापक डिजिटल हब में तब्दील हो चुका है। यूट्यूब जैसे प्रमुख वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर इसके करीब 2.70 लाख फॉलोवर्स हैं, जबकि सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से यह 13 लाख से अधिक किसानों तक अपनी पहुंच बना चुका है। इस कारोबार की मुख्य आय का जरिया विभिन्न ट्रैक्टर निर्माताओं कंपनियों के विज्ञापन और प्रचार-प्रसार हैं। इस स्टार्टअप की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे खड़ा करने के लिए किसी भी बाहरी निवेशक (VC) से फंडिंग नहीं ली गई, बल्कि संस्थापक ने अपने सीमित संसाधनों से इस मुकाम को हासिल किया है।
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