भोपाल और उज्जैन समेत कई संभागों में भारी बारिश का दौर जारी, 5 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम
मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम सक्रिय होने से पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। सतना के चित्रकूट में मंदाकिनी उफान पर है और मौसम विभाग ने कई जिलों में अलर्ट जारी किया है।
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर अपने बेहद आक्रामक और रौद्र रूप में लौट आया है, विशेषकर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में एक्टिव स्ट्रॉन्ग मानसूनी सिस्टम के चलते कई जिले बुरी तरह बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, जिनमें सबसे गंभीर स्थिति सतना और चित्रकूट की बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी दिनों के लिए प्रदेश भर में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है।
🌊 चित्रकूट में डूबा रामघाट, सतना में प्रशासन ने स्कूलों और कॉलेजों में घोषित की छुट्टी
सतना जिले में लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक हो चली है। धार्मिक नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर उफान पर बह रही है, जिसके चलते बाढ़ का पानी सीधे प्रसिद्ध रामघाट तक पहुँच गया और लगभग 400 दुकानें तथा 25 के करीब होटल पूरी तरह पानी में डूब गए। आगामी दो दिनों तक यहाँ भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सुरक्षा और एहतियात के तौर पर जिला प्रशासन ने सतना जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ियों में 2 और 3 सितंबर के लिए अवकाश घोषित कर दिया है।
⚠️ इन जिलों में 4 इंच से ज्यादा बारिश का रेड अलर्ट, 5 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम का मिहाल
मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल के अनुसार, सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है, जहाँ अगले 24 घंटों में 4 इंच से अधिक पानी बरस सकता है। इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर और बालाघाट में भी भारी बारिश की चेतावनी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह मानसूनी सिस्टम 3 सितंबर को आगे खिसककर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और नर्मदापुरम संभागों को प्रभावित करेगा तथा 4-5 सितंबर तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में सक्रिय रहेगा।
💧 प्रदेश के डैम 70 फीसदी तक भरे, राजधानी का बड़ा तालाब भी छलकने के करीब
इस मानसूनी दौर से प्रदेश के जलस्रोतों की स्थिति में काफी सुधार आया है और अधिकांश बांध 70 प्रतिशत से अधिक भर चुके हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के डैमों में अभी पानी की आवक थोड़ी कम है। दूसरी ओर, राजधानी भोपाल का ऐतिहासिक बड़ा तालाब पूरी तरह छलकने की स्थिति में पहुँच गया है। इसका जलस्तर 1666.50 फीट पर पहुँच चुका है और यह अपने फुल टैंक लेवल से मात्र 0.30 फीट खाली है, जिसके भरते ही कभी भी भदभदा डैम के गेट खोले जा सकते हैं।
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