हेलमेट और सीट बेल्ट के बिना अब पेट्रोल पंपों पर होगी पाबंदी, स्कूल-कॉलेजों में भी लागू होंगे नए नियम
इंदौर में सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की समिति ने सख्त निर्देश दिए हैं। बिना हेलमेट, सीट बेल्ट और इंश्योरेंस के पेट्रोल न मिलने की तैयारी की जा रही है।
मध्य प्रदेश के आर्थिक राजधानी इंदौर शहर में सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अपनाने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशों के तहत आने वाले दिनों में इंदौर समेत देश के विभिन्न शहरों में 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' (हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं) की नीति लागू करने की पूरी तैयारी की जा रही है। इसके तहत दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट, चार पहिया चालकों के लिए सीट बेल्ट और वाहनों के वैध इंश्योरेंस के बिना पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर रोक लगाने की योजना पर काम चल रहा है।
📊 पिछले 5 सालों में 25 हजार से ज्यादा हादसे, जस्टिस अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक
इंदौर में वाहनों की बेकाबू संख्या और तेजी से बढ़ते सड़क हादसों को लेकर प्रशासन खासे चिंतित है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बीते 5 वर्षों के दौरान इंदौर में कुल 25,598 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 3,434 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है, जबकि 21,520 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन डरावने आंकड़ों से निपटने के लिए सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी के अध्यक्ष पूर्व न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे ने बुधवार को विभिन्न विभागों, स्कूल-कॉलेजों, पेट्रोल पंप संचालकों और सामाजिक संगठनों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अब परिवहन विभाग शैक्षणिक संस्थानों में शिविर लगाकर लाइसेंस और बीमा से जुड़े कार्य पूरे कराएगा, साथ ही शहर में बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले करीब 75,000 वाहनों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
⚠️ शहर में 16 और ग्रामीण इलाकों में 15 ब्लैक स्पॉट चिह्नित, स्कूल-कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में भी होगी निगरानी
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में इंदौर शहर के भीतर कुल 16 और ग्रामीण क्षेत्रों में 15 ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) चिह्नित किए गए हैं, जहाँ पिछले तीन सालों में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इन सभी खतरनाक स्थानों को सुधारने और दुर्घटनाओं को रोकने के आदेश दे दिए गए हैं। इसके अलावा, अब शहर के सभी बड़े स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों के लिए हेलमेट पहनकर आना अनिवार्य कर दिया गया है, और इसके बिना परिसरों में प्रवेश नहीं मिलेगा। सरकारी कार्यालयों में भी बिना हेलमेट आने वाले कर्मचारियों की निरंतर निगरानी की जाएगी। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रशासन हरसंभव और कड़े कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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