लगातार बारिश से बृहस्पति कुंड का झरना उफान पर, केन नदी के बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों में अलर्ट
छतरपुर और पन्ना में भारी बारिश के कारण केन नदी का जलस्तर बढ़ गया है। धमना गांव के तालाब में मगरमच्छ घुसने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों के साथ-साथ घरों-दुकानों में जलभराव से भारी नुकसान हुआ है। चित्रकूट में आई बाढ़ का सीधा असर केन नदी पर साफ दिखाई दे रहा है, जिसके बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थिति यह हो गई है कि जलजीव भी अपनी जान बचाने के लिए रिहायशी गांवों की तरफ रुख करने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में भयंकर डर का माहौल बना हुआ है।
⚠️ छतरपुर के धमना गांव के तालाब में दिखा विशाल मगरमच्छ, महिला पर हमले के बाद सहमे लोग
केन नदी का पानी रिहायशी इलाकों और तालाबों की तरफ पहुँचने के कारण अब जंगली जीव भी गांवों में घुसने लगे हैं। छतरपुर की चंद्रनगर रेंज के अंतर्गत आने वाले धमना गांव के मुख्य तालाब में एक विशाल मगरमच्छ के दिखने से ग्रामीणों में गहरी दहशत फैल गई है। ग्रामीण मुकेश साहू ने बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व की चंद्रनगर रेंज को सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुँची, जिससे लोगों में रोष है। यह मगरमच्छ पहले ही एक महिला पर हमला कर चुका है और कई पालतू मवेशियों को अपना शिकार बना चुका है। डर के कारण लोग दिन-रात पहरा देने को मजबूर हैं, जबकि रेंजर राजेंद्र तिवारी का कहना है कि रेस्क्यू टीम को मौके पर भेज दिया गया है और जल्द ही मगरमच्छ को पकड़ा जाएगा।
🌊 पन्ना में केन नदी का जलस्तर बढ़ा, बृहस्पति कुंड का ग्लास ब्रिज पर्यटकों के लिए बंद
पन्ना जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। प्रसिद्ध बृहस्पति कुंड का झरना अत्यधिक वेग और उफान के साथ बह रहा है, जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से वहां बना ग्लास ब्रिज पर्यटकों के लिए फिलहाल बंद कर दिया गया है। ग्राम पंचायत दिया में कई घरों में पानी घुस गया है और कुछ कच्चे मकान भी गिर गए हैं। स्थिति को संभालते हुए मौके पर पहुँचे नायब तहसीलदार ने प्रभावित लोगों को शासकीय स्कूलों और सामुदायिक भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अभी केन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन यदि बारिश का यही दौर जारी रहा तो नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
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