देश सेवा के बाद अब जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवार रहे भिंड के शिवम, सरकारी नौकरी छोड़ शुरू की मुहिम
भिंड के पूर्व बीएसएफ जवान शिवम सिंह राजावत ने जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए सरकारी नौकरी छोड़ दी है। उनकी इस मुहिम से बच्चों के जीवन में बदलाव आ रहा है।
देश सेवा का जज्बा केवल वर्दी पहनने तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज के कल्याण के लिए कुछ कर गुजरने का जुनून इंसान को एक नया रास्ता चुनने की प्रेरणा देता है। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के 28 वर्षीय शिवम सिंह राजावत ने इसी जज्बे का अनूठा उदाहरण पेश किया है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) में करीब 3 साल तक आरक्षक के पद पर पूरी निष्ठा से सेवाएं देने के बाद उन्होंने सरकारी नौकरी को अलविदा कह दिया और आर्थिक रूप से कमजोर व जरूरतमंद बच्चों के भविष्य को संवारने का कठिन संकल्प लिया। आज वह ऐसे बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिनके लिए अच्छी पढ़ाई किसी सपने जैसी थी।
👨👩👦 परिवार के कड़े विरोध के बाद भी नहीं डगमगाए कदम, आज माता-पिता और 40 सदस्यों का मिल रहा साथ
शिवम सिंह राजावत बताते हैं कि बचपन से ही उनके मन में समाज के लिए कुछ अलग और सार्थक करने की ललक थी। बीएसएफ की नौकरी के दौरान भी उनका ध्यान उन बच्चों की तरफ रहता था जो गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। जब उन्होंने नौकरी छोड़कर बच्चों को पढ़ाने का फैसला किया, तो उनके परिवार और रिश्तेदारों ने इसका कड़ा विरोध किया। परिजनों का कहना था कि सरकारी नौकरी बड़ी मुश्किल से मिलती है, इसलिए इसे छोड़ना उचित नहीं है। हालांकि, शिवम अपने निश्चय पर अडिग रहे। आज जब उनके प्रयासों से बच्चों की जिंदगी बदल रही है और उनके माता-पिता नशे जैसी बुरी आदतें छोड़कर संभल रहे हैं, तो वही परिवार उनकी इस सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है। वर्तमान में उनके साथ 40 से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़ चुके हैं, जो विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं और इस नेक काम में आर्थिक व नैतिक सहयोग दे रहे हैं।
📚 बच्चों की पढ़ाई से लेकर परिवारों की सोच तक में आया सकारात्मक बदलाव
शुरुआत में जब शिवम ऐसे परिवारों के पास जाते थे, तो अभिभावक रोजमर्रा की परेशानियों के चलते बच्चों की पढ़ाई को ज्यादा तवज्जो नहीं देते थे। कुछ लोगों ने उन पर पब्लिसिटी पाने के आरोप भी लगाए, लेकिन शिवम ने हार नहीं मानी। उनके लगातार और ईमानदार प्रयासों का असर अब साफ दिखने लगा है। बच्चे पूरी रुचि के साथ पढ़ाई कर रहे हैं और उनके परिवारों में भी शिक्षा के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ी है। शिवम की इस सकारात्मक पहल ने न केवल बच्चों का शैक्षणिक स्तर सुधारा है, बल्कि कई परिवारों को बुरी आदतों से निकालकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी बड़ी सफलता हासिल की है।
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