जियो आईपीओ की सुगबुगाहट से रिलायंस के शेयरों में तेजी, टेक सेक्टर के दम पर बाजार में शानदार उछाल

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन शेयर बाजार में शुरुआती तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स 600 अंक उछला है और निवेशकों को 2.72 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।

Sep 04, 2026 - 19:22
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जियो आईपीओ की सुगबुगाहट से रिलायंस के शेयरों में तेजी, टेक सेक्टर के दम पर बाजार में शानदार उछाल

लगातार चार दिनों की मूसलाधार बिकवाली और गिरावट के बाद, कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शेयर बाजार में शानदार शुरुआती तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स में लगभग 600 अंकों का जबरदस्त इजाफा दर्ज किया गया, जबकि निफ्टी भी 76 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। बाजार के जानकारों का मानना है कि टेक्नोलॉजी सेक्टर में आई लिवाली और दिग्गज शेयरों के मजबूत प्रदर्शन से बाजार को यह सपोर्ट मिला है। इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के जियो (JIO) आईपीओ के दिवाली तक लॉन्च होने की खबर सामने आने के बाद रिलायंस के शेयरों में 2 फीसदी से अधिक की तेजी आई, जिससे पूरे बाजार में पॉजिटिव मोमेंटम बन गया और शुरुआती सत्र में ही निवेशकों की संपत्ति में 2.72 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हो गया।

🚀 अल्ट्राटेक सीमेंट और टीसीएस रहे टॉप गेनर्स, एशियाई बाजारों से भी मिला समर्थन

आज के कारोबार में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में अल्ट्राटेक सीमेंट 1.92 फीसदी ऊपर रहा, जबकि टीसीएस में 1.60%, बजाज फिनसर्व में 1.51%, ट्रेंट में 1.48% और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 1.40% की मजबूती देखी गई। वैश्विक मोर्चे पर भी एशियाई बाजार बढ़त के साथ खुले, जिसमें दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 1.3% और जापान का निक्केई 0.25% उछलकर कारोबार कर रहा था। हालांकि, इसके विपरीत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखते हुए 3 सितंबर को 2,346 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने आगे बढ़कर 4,977 करोड़ रुपए की शानदार खरीदारी की, जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर पूरी तरह बेअसर हो गया।

💵 क्रूड ऑयल और अमेरिकी डॉलर का हाल, बाजार में रही मिलाजुली हलचल

कमोडिटी बाजार की बात करें तो ब्रेंट क्रूड 0.35% बढ़कर 95.86 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.51% चढ़कर 91.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 98.97 के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि भारतीय रुपया पिछले सत्र में मजबूती दिखाते हुए 94.59 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। जानकारों का कहना है कि वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों के मजबूत सहयोग के चलते बाजार में निचले स्तर पर खरीदारी का रुझान बना हुआ है, जिससे निवेशकों का खोया हुआ आत्मविश्वास धीरे-धीरे वापस लौट रहा है।

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