सोशल मीडिया ब्लॉगर 'स्टूडेंट गेंग' के खुलासे से हिला चीन का वैज्ञानिक जगत, चार बड़े प्रोफेसरों पर गिरी गाज
चीन में PhD छोड़ चुके ब्लॉगर 'स्टूडेंट गेंग' के खुलासों के बाद नेशनल नेचुरल साइंस फाउंडेशन ने 31 विश्वविद्यालयों में अकादमिक गड़बड़ी की बड़ी जांच शुरू की है।
चीन में पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले एक छात्र और सोशल मीडिया ब्लॉगर गेंग होंगवेई, जिन्हें ऑनलाइन दुनिया में 'स्टूडेंट गेंग' के नाम से जाना जाता है, ने वैज्ञानिक शोधों और वैज्ञानिकों के काम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनकी एक के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मामला इतना तूल पकड़ गया कि चीन की सबसे बड़ी बेसिक रिसर्च फंडिंग संस्था—चीन के राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान फाउंडेशन (NSFC) को अकादमिक गड़बड़ी और फर्जीवाड़े के मामलों में अब तक की सबसे बड़ी सार्वजनिक जांच शुरू करनी पड़ी है। यह पूरा मामला किसी एक संस्थान या वैज्ञानिक तक सीमित न रहकर देश के कई नामचीन संस्थानों से जुड़ गया है।
👨💻 कौन हैं स्टूडेंट गेंग? सुपरवाइजर से विवाद के बाद बने फुल-टाइम साइंस कम्युनिकेटर
गेंग होंगवेई कोई बड़े सरकारी अधिकारी या प्रोफेसर नहीं, बल्कि एक सामान्य रिसर्च बैकग्राउंड वाले साइंस कम्युनिकेटर हैं। उन्होंने चीन की जिलिन यूनिवर्सिटी से बायोलॉजी में ग्रेजुएशन और मास्टर डिग्री हासिल की थी, जिसके बाद वे बेइहांग यूनिवर्सिटी में बायोमेडिकल इंजीनियरिंग से PhD कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कथित तौर पर अपने सुपरवाइजर के साथ प्रयोगों के डेटा में हेरफेर करने से इनकार करने के बाद उन्होंने अपनी PhD बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद वे पूरी तरह से साइंस कम्युनिकेटर बन गए और अप्रैल 2026 से सोशल मीडिया पर एकेडमिक फ्रॉड के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया। गेंग अपने वीडियो और पोस्ट के जरिए बड़े विश्वविद्यालयों के रिसर्च पेपर की चीरफाड़ करते हैं और उनमें मौजूद गलत या फर्जी डेटा को सार्वजनिक करते हैं। वर्तमान में सोशल मीडिया पर उनके करीब 20 लाख फॉलोअर्स हैं।
🏛️ NSFC का बड़ा एक्शन: 31 यूनिवर्सिटी के 40 से अधिक शोधकर्ता और चार दिग्गज प्रोफेसर रडार पर
NSFC ने हाल ही में 31 यूनिवर्सिटी और अस्पतालों से जुड़े 31 नए मामलों की आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक की है, जिनमें 40 से ज्यादा शोधकर्ता शामिल हैं। गेंग ने अप्रैल में जिन चार प्रमुख प्रोफेसरों के रिसर्च पेपर पर सवाल उठाए थे, वे सभी अब सख्त कार्रवाई के दायरे में आ चुके हैं। इन चारों को चीन के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय विज्ञान कोष द्वारा युवा विद्वानों के रूप में सम्मानित किया जा चुका था और वे अपने संस्थानों में डीन या एसोसिएट डीन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर थे। NSFC ने इन सभी की फंडिंग और सम्मान वापस लेते हुए इन्हें मिले 1 करोड़ युआन से अधिक के रिसर्च ग्रांट को लौटाने का आदेश दिया है। साथ ही, इन सभी को अगले 3 से 7 साल तक किसी भी नई रिसर्च फंडिंग के लिए आवेदन करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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