जेलों में सुधारात्मक कार्यों और कानूनी सहायता पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले जेलकर्मी भी हुए सम्मानित

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल सेंट्रल जेल में जन्माष्टमी मनाई और पात्र कैदियों की सजा में एक महीने की विशेष छूट देने की बड़ी घोषणा की है।

Sep 05, 2026 - 12:26
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जेलों में सुधारात्मक कार्यों और कानूनी सहायता पर जोर, उत्कृष्ट कार्य करने वाले जेलकर्मी भी हुए सम्मानित

राजधानी भोपाल स्थित सेंट्रल जेल में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर एक भव्य और विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण का विधि-विधान से पूजन किया और पालने में विराजमान कान्हा को झूला झुलाया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम मोहन यादव ने जेल में बंद पात्र कैदियों को उनकी सजा में एक महीने की विशेष छूट (परिहार) देने की बड़ी घोषणा की, जिससे कई कैदी अपनी निर्धारित अवधि से पहले रिहा हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि जेलों का मुख्य उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि बंदियों में सुधार लाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

🎭 बंदियों द्वारा मनमोहक झांकियों और नाटिकाओं का मंचन, जेलकर्मियों को किया गया सम्मानित

जन्माष्टमी के इस खास मौके पर सेंट्रल जेल के बंदियों द्वारा बेहद आकर्षक झांकियां तैयार की गई थीं। इसके अलावा, एक लघु नाटिका के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा कारागार में जन्म लेने की कथा का जीवंत मंचन किया गया, जिससे पूरा जेल परिसर "नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की" जैसे भजनों और भक्तिमय माहौल से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रहरियों, कर्मचारियों और अधिकारियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर जेल विभाग के डीजी डॉ. वरुण कपूर ने विभाग की गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तृत प्रतिवेदन मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया।

⚖️ जुर्माना न भर पाने वाले कैदियों की रिहाई और कानूनी सहायता पर सरकार का विशेष जोर

सरकार की सुधारात्मक नीतियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बंदी ऐसे थे जो अपनी सजा पूरी करने के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण जुर्माना राशि जमा नहीं कर पा रहे थे, ऐसे मामलों में सरकार ने सहयोग कर 50 कैदियों को जेल से आजाद कराया है। इसके साथ ही, जिन कैदियों के पास अपने मुकदमे लड़ने के लिए अधिवक्ता नहीं है, उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जनजातीय दिवस जैसे विशेष अवसरों पर अच्छे आचरण वाले बंदियों की रिहाई के मामले में मध्य प्रदेश ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है, और जेल कर्मचारियों के लिए पदोन्नति व आवास जैसी सुविधाएं भी प्राथमिकता पर बढ़ाई जा रही हैं।

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