मध्य प्रदेश की पुनर्वास नीति का असर, आत्मसमर्पण करने वाला पूर्व माओवादी राकेश ओडी महाराष्ट्र रवाना
मध्य प्रदेश की नक्सली आत्म-समर्पण नीति के तहत पूर्व माओवादी राकेश ओडी को महाराष्ट्र हस्तांतरित किया गया है। उसे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिला है।
मध्य प्रदेश की नक्सली आत्म-समर्पण, पुनर्वास सह राहत नीति-2023 के तहत महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के रहने वाले पूर्व माओवादी राकेश ओडी उर्फ मनीष (42) की घर वापसी हो गई है। बुधवार रात महाराष्ट्र पुलिस राकेश को लेकर बालाघाट से अपने गृह राज्य के लिए रवाना हुई। राकेश उन 13 माओवादियों में से पहला है, जिन्होंने पुलिस के सामने हथियार डाले थे और अब वे मध्य प्रदेश की कल्याणकारी पुनर्वास नीति का लाभ लेकर एक नया जीवन शुरू करने जा रहे हैं। वह माओवादी संगठन के कान्हा भोरमदेव डिवीजन (केबी डिवीजन) में एसजेडसीएम के पद पर सक्रिय था और उसने 7 दिसंबर 2025 को बालाघाट पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था।
💰 सरकार की ओर से मिली वित्तीय सहायता और कौशल प्रशिक्षण, एसपी आदित्य मिश्रा ने दी जानकारी
मई 2025 में जगदलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के निर्देशों के अनुसार राकेश को उसके मूल राज्य महाराष्ट्र हस्तांतरित किया गया है। गढ़चिरौली जिले के कोरची थाना क्षेत्र स्थित ग्राम झंडेपार के निवासी राकेश ने आत्मसमर्पण के बाद अपने गांव में ही रहने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद बालाघाट पुलिस ने सभी कानूनी औपचारिकताएं और दस्तावेज तैयार किए। पुनर्वास नीति के तहत राकेश को व्यवसाय के लिए 1.5 लाख, जमीन खरीदने के लिए 2 लाख, घर निर्माण के लिए 1.5 लाख, विवाह हेतु 50 हजार और प्रारंभिक आर्थिक सहायता के रूप में 50 हजार रुपये सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके अलावा उसे आयुष्मान भारत और खाद्य सहायता योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि बालाघाट पुलिस ने समर्पण करने वाले सभी पूर्व माओवादियों को पिछले नौ महीनों में टेलरिंग और ड्राइविंग का विशेष कौशल प्रशिक्षण भी दिलाया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)