इंदौर से सीएम मोहन यादव ने की घोषणा, 15 हजार बसों से जुड़ेगा मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में 25 साल बाद 25 सितंबर से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के तहत सरकारी बसें चलेंगी। इंदौर में सीएम मोहन यादव ने इस नई बस नीति की औपचारिक शुरुआत की। पूरी खबर पढ़ें।
इंदौर। मध्य प्रदेश राज्य परिवहन निगम के बंद होने के करीब 25 साल बाद एक बार फिर प्रदेश में नए सिरे से 'मोबिलिटी क्रांति' की शुरुआत हो रही है। इसके तहत राज्य में 25 सितंबर से 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' के अंतर्गत बसों का संचालन शुरू हो जाएगा। शुक्रवार को इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की नई परिवहन नीति और 'नेक्स्ट जेनरेशन मोबिलिटी' के तहत इस महत्वाकांक्षी योजना की औपचारिक शुरुआत की।
🛑 निजी बस संचालकों की मनमानी पर लगेगी लगाम, 'MPYIL' कंपनी संभालेगी कमान
वर्तमान में राज्य के स्थानीय मार्गों पर लगभग 5,500 निजी बसों का संचालन हो रहा है। इसके बावजूद वर्ष 2005 के बाद से अब तक सरकारी निगरानी, तय किराया और यात्री सुरक्षा का कोई मजबूत सिस्टम नहीं था, जिससे यात्री आए दिन निजी ऑपरेटरों की मनमानी का शिकार होते थे। इस समस्या को खत्म करने के लिए 1 अप्रैल को राज्य कैबिनेट ने नए सिरे से बस सेवा शुरू करने का फैसला लिया। इसके बाद 3 जुलाई को परिवहन विभाग की देखरेख में 'मध्य प्रदेश यात्री परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' (MPYIL) नामक कंपनी का गठन किया गया, जो अब औपचारिक रूप से बसों का संचालन संभालेगी।
🔄 तीन चरणों में होगा बसों का संचालन, ITMS और पैनिक बटन से लैस होंगी बसें
परिवहन सचिव मनीष सिंह के अनुसार, "MPYIL कंपनी तीन चरणों में बसों का संचालन करेगी। इसमें अनुबंधित शेड्यूल और PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा 'इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) के जरिए ओवर-स्पीडिंग, ड्राइविंग बिहेवियर और रियल-टाइम लोकेशन की मॉनिटरिंग की जाएगी। बसों का संचालन अत्याधुनिक डिपो से होगा, जिससे यात्रियों को ई-टिकटिंग और हाईटेक बस स्टैंड सुविधाओं का लाभ मिलेगा।" अनुबंधित बसों में पैनिक बटन, जीपीएस और सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होंगे। साथ ही नई नीति में इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को प्राथमिकता दी जाएगी।
🗺️ 55 जिलों के रूट तैयार, संभाग स्तर से लेकर इंटर-स्टेट रूट्स तक दौड़ेंगी बसें
प्रदेश के सभी 55 जिलों में बस रूट्स का खाका तैयार कर लिया गया है। कंपनी के संचालन के लिए विशेषज्ञों के 11,090 पद स्वीकृत किए गए हैं। यह कंपनी पूर्ववर्ती राज्य परिवहन निगम की तर्ज पर संभाग स्तर पर काम करेगी। योजना के तहत 150 सिटी बस रूट्स के अलावा 450 इंटरसिटी और 436 इंटर-स्टेट (दूसरे राज्यों से जोड़ने वाले) रूट्स पर बसें चलाई जाएंगी।
🏛️ बढ़ते पर्यटन और धार्मिक स्थलों को ध्यान में रखकर तैयार की गई योजना: सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, "आमजन के लिए सुलभ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का अत्यंत महत्व है। 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' से प्रदेशवासियों को सुरक्षित और किफायती आवागमन का विकल्प मिलेगा। वर्तमान में प्रदेश में 15 हजार से अधिक बसों और 5 लाख किलोमीटर सड़कों का विशाल नेटवर्क है। मध्य प्रदेश में धार्मिक व पर्यटन गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। अकेले उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ी है और प्रदेश में हर साल 20 करोड़ से अधिक पर्यटक आ रहे हैं। इस तेजी से बढ़ते पर्यटन को देखते हुए सुगम परिवहन प्रणाली की आवश्यकता और बढ़ गई थी।"
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