पितृपक्ष पर मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं को रेलवे की सौगात, रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन का ऐलान
पितृपक्ष पर गया जी में पिंडदान के लिए भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन से गया के बीच स्पेशल ट्रेन (01661/01662) चलेगी। जानिए टाइम टेबल, रूट और स्टॉपेज।
भोपाल। पितृपक्ष के पावन अवसर पर बिहार के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गया जाने वाले तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे ने एक विशेष सौगात दी है। पश्चिम मध्य रेल भोपाल मंडल ने रानी कमलापति स्टेशन (भोपाल) से गया के बीच पितृपक्ष स्पेशल ट्रेन (01661/01662) चलाने का निर्णय लिया है। यह स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में 3-3 फेरे लगाएगी, जिससे मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को गया जाकर अपने पितरों का पिंडदान और तर्पण करने में काफी सुगमता होगी।
⏰ रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन का समय और तिथियां (01661/01662 Timetable)
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गाड़ी संख्या 01661 (रानी कमलापति से गया): यह ट्रेन 27 सितंबर, 02 अक्टूबर और 07 अक्टूबर 2026 को रानी कमलापति स्टेशन से दोपहर 15:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 14:30 बजे गया स्टेशन पहुंचेगी।
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गाड़ी संख्या 01662 (गया से रानी कमलापति): वापसी में यह ट्रेन गया स्टेशन से 30 सितंबर, 05 अक्टूबर और 10 अक्टूबर 2026 को दोपहर 15:30 बजे रवाना होकर अगले दिन शाम 16:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी।
📍 इटारसी, जबलपुर और प्रयागराज समेत इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव
यह स्पेशल ट्रेन अपनी यात्रा के दौरान दोनों दिशाओं में नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन (मुगलसराय), भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड स्टेशनों पर रुकेगी।
🛏️ कोच संरचना और आईआरसीटीसी (IRCTC) पर ऑनलाइन बुकिंग की जानकारी
यात्रियों की सुविधा के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 24 कोच लगाए जाएंगे:
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सामान्य श्रेणी (General): 04 कोच
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शयनयान श्रेणी (Sleeper Class): 12 कोच
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थर्ड एसी (3AC): 04 कोच
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सेकंड एसी (2AC): 02 कोच
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एसएलआरडी (SLRD): 02 कोच
रेल प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना समय रहते बनाएं और रेलवे आरक्षण केंद्रों (PRS Counters) या IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट से अग्रिम बुकिंग सुनिश्चित करें।
🕉️ पितृपक्ष का धार्मिक महत्व और गया जी में पिंडदान का विधान
हिंदू धर्म में पितृपक्ष (श्राद्धपक्ष) की अवधि पूर्वजों को याद करने, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनकी आत्मिक शांति के लिए अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर 2026 से हो रही है, जिसका समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गया जी में तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था और यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने यह विशेष व्यवस्था की है।
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