किसान की बेटी रुचिता महाजन ने किया NEET UG क्वालीफाई, सरकार उठाएगी MBBS का पूरा खर्च

बुरहानपुर के तुरकगुराडा गांव की गरीब किसान की बेटी रुचिता महाजन ने सरकारी स्कूल से पढ़कर NEET UG परीक्षा क्वालीफाई की है। अब सरकार उठाएगी MBBS का पूरा खर्च।

Sep 12, 2026 - 15:31
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किसान की बेटी रुचिता महाजन ने किया NEET UG क्वालीफाई, सरकार उठाएगी MBBS का पूरा खर्च

बुरहानपुर। जिला मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित सुदूर तुरकगुराडा गांव की रहने वाली होनहार छात्रा और एक गरीब किसान की बेटी रुचिता महाजन ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक NEET UG में क्वालीफाई कर मिसाल कायम की है। रुचिता ने अपने गांव के ही सरकारी प्राथमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल से पहली से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की।

उल्लेखनीय है कि सत्र 2023-24 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में रुचिता ने 92.8 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले की प्रवीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में स्थान बनाया था। इसके बाद उन्होंने NEET परीक्षा में पहली बार भाग्य आजमाया और पहले ही प्रयास में सफलता पा ली, लेकिन परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति के कारण वे उस समय एमबीबीएस में प्रवेश नहीं ले सकी थीं।

📚 बिना निजी कोचिंग के खुद की मेहनत से मिली सफलता, 12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की

विपरीत परिस्थितियों और बेहद सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी रुचिता ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने गांव के सरकारी मिडिल स्कूल से पहली से 8वीं और तत्पश्चात सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल से 9वीं से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की।

12वीं में अपने स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करने के बाद रुचिता ने किसी महंगे निजी कोचिंग संस्थान में जाने के बजाय घर पर ही सेल्फ स्टडी की। शिक्षकों के निरंतर मार्गदर्शन और अपनी अटूट लगन के बल पर उन्होंने दूसरे प्रयास में NEET UG परीक्षा को न केवल क्रैक किया, बल्कि अपनी प्रतिभा का लोहा भी मनवाया।

🩺 मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना से साकार होगा डॉक्टर बनने का सपना

कड़े परिश्रम के दम पर सफलता का परचम लहराने वाली रुचिता को अब मध्य प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना' के तहत एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम में एडमिशन मिल गया है। इस योजना के अंतर्गत उनकी पढ़ाई का पूरा शिक्षण शुल्क राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

इस उपलब्धि से पूरे गांव और विद्यालय परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। हायर सेकंडरी स्कूल के प्राचार्य करणसिंह पवार ने अपने स्टाफ के साथ रुचिता और उनके किसान पिता राजेश महाजन का पुष्पगुच्छ देकर और मिठाई खिलाकर भव्य स्वागत-सत्कार किया।

💬 "सरकारी स्कूल में पढ़कर नीट निकाला, सरकार की योजना से सपना हुआ सच": रुचिता महाजन

अपनी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए होनहार छात्रा रुचिता महाजन ने कहा, "मैंने अपने ही गांव के सरकारी स्कूल से 1वीं से 12वीं तक की शिक्षा प्राप्त की है। पहले प्रयास में नीट क्वालीफाई होने के बाद भी आर्थिक तंगी के कारण एडमिशन नहीं ले सकी थी। लेकिन इस बार पुनः नीट यूजी में सफलता मिली है और मुझे एमबीबीएस में प्रवेश मिल गया है। एमबीबीएस की पूरी फीस सरकार भरेगी, जिससे मेरा डॉक्टर बनने का सपना साकार हो रहा है।"

विद्यालय के प्राचार्य करणसिंह पवार ने भी रुचिता की तारीफ करते हुए कहा कि वह शुरुआत से ही मेधावी और अनुशासित छात्रा रही है और उसकी यह सफलता अन्य ग्रामीण बच्चों को भी प्रेरित करेगी।

🌾 पिता के पास महज डेढ़ एकड़ जमीन, तंगहाली के बावजूद बेटी ने नहीं खोया हौसला

एमबीबीएस में चयनित हुई रुचिता महाजन के पिता राजेश महाजन पेशे से छोटे किसान हैं। उनके पास महज डेढ़ एकड़ कृषि भूमि है, जिस पर खेती कर वे किसी तरह अपने परिवार का गुजर-बसर करते हैं। उनकी माता गृहणी हैं।

आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के बावजूद रुचिता के हौसले पस्त नहीं हुए। सरकार की मेधावी योजना ने इस होनहार बेटी के सपनों को पंख दे दिए हैं। रुचिता न सिर्फ डॉक्टर बनकर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगी, बल्कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली हजारों अन्य छात्राओं के लिए एक मिसाल और प्रेरणास्रोत बनकर उभरेंगी।

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