बैगा बच्चों की मौत मामले में CJP की एंट्री, इंफ्लुएंसर्स से तीखी बहस, दीपके बोले- 'करेंगे आंदोलन'

बालाघाट के बिरसा ब्लॉक में 30 से ज्यादा बैगा बच्चों की मौत पर CJP प्रमुख अभिजीत दीपके पीड़ित परिवारों से मिले। इंफ्लुएंसर्स से बहस, प्रशासन पर उठे सवाल।

Sep 13, 2026 - 14:23
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बैगा बच्चों की मौत मामले में CJP की एंट्री, इंफ्लुएंसर्स से तीखी बहस, दीपके बोले- 'करेंगे आंदोलन'

बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड अंतर्गत आने वाले कई गांवों में बैगा आदिवासी परिवारों के 30 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शासन-प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) भी मैदान में उतर आई है।

शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके मृतक बच्चों के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करने सीधे गांव पहुंचे। इस दौरान गांव में मौजूद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और अभिजीत दीपके के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

🛖 बांदरी और कुंडेकसा गांव पहुंचे CJP संस्थापक: परिजनों से मिलकर जाना हाल, आंदोलन की दी चेतावनी

बालाघाट के बिरसा ब्लॉक स्थित प्रभावित गांव कुंडेकसा और बांदरी पहुंचे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने मृत बच्चों के परिजनों से व्यक्तिगत मुलाकात की। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं, राशन और मुआवजे के बारे में पूरी जानकारी ली।

मुलाकात के बाद उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, "यदि पीड़ित परिवारों को न्याय और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलीं, तो यहां एक बड़ा जनांदोलन किया जाएगा।"

अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, "मैं बालाघाट में उन पीड़ित परिवारों से मिला हूं जिनके मासूम बच्चों की जान चली गई है। स्थानीय निवासियों से जो जानकारी मिल रही है, वह बेहद चिंताजनक है।"

⚠️ बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कराने का गंभीर आरोप: 'मौत का वास्तविक आंकड़ा 36 से कहीं अधिक'

अभिजीत दीपके ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मौतों का आधिकारिक आंकड़ा छिपाया जा रहा है। वास्तविकता में मरने वाले बच्चों की संख्या 36 से कहीं अधिक है। हाल ही में आदिवासियों के भारी विरोध के बाद 86 बीमार बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि कई मामलों में बच्चों का बिना पोस्टमार्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया गया और कुछ मामलों में तो माता-पिता की गैरमौजूदगी में भी प्रक्रिया पूरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि बच्चों को समय पर उचित इलाज मिल जाता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

🗣️ गांव में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स से हुई तीखी बहस: दीपके बोले- 'जिन्हें चुना है, उनसे सवाल करो'

जब अभिजीत दीपके पीड़ित बैगा परिवारों से बातचीत कर रहे थे, उसी समय वहां मौजूद सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान माहौल गरमा गया और जमकर नारेबाजी के बीच दीपके व इंफ्लुएंसर्स के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

इंफ्लुएंसर्स ने सवाल उठाया कि वे अब यहां किस उद्देश्य से आए हैं। इस पर अभिजीत दीपके ने करारा जवाब देते हुए कहा, "जिन्हें इस क्षेत्र की जनता ने चुनकर विधानसभा या संसद भेजा है, सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए। मैं तो यहां पीड़ितों का दुख बांटने और उनके हक की लड़ाई लड़ने आया हूं।"

🩺 जिला प्रशासन का दावा: 6,560 लोगों की हुई जांच, स्वास्थ्य और पोषण सुधार का काम जारी

इस पूरे संवेदनशील मामले पर जब बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बातचीत नहीं हो सकी। हालांकि, बालाघाट जिला प्रशासन के आधिकारिक जनसंपर्क पेज के अनुसार, प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और जन-जागरूकता के कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।

स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें घर-घर जाकर नागरिकों की स्क्रीनिंग, परीक्षण और दवा वितरण कर रही हैं। प्रशासन के मुताबिक, अब तक 6,560 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है, जिसमें विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 1,167 मरीज पाए गए। इनमें से 453 मरीजों का अस्पताल में और 677 मरीजों का घर पर ही इलाज कर उन्हें स्वस्थ किया गया है। साथ ही 458 विशेष सत्रों में 20,838 बच्चों का टीकाकरण पूरा कर लिया गया है तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए नियमित पोषण आहार वितरित किया जा रहा है।

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