सागर में रसूखदारों के होटलों पर प्रशासन का छापा, सील हुए 5 रिसॉर्ट, जंगल में मिली 30 लाख की शराब

सागर में कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर राजस्व और खाद्य विभाग की टीम ने 5 बड़े होटल और रिसॉर्ट्स को सील किया। छापेमारी के दौरान जंगलों से 30 लाख रुपये की शराब भी बरामद हुई।

Sep 12, 2026 - 18:55
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सागर में रसूखदारों के होटलों पर प्रशासन का छापा, सील हुए 5 रिसॉर्ट, जंगल में मिली 30 लाख की शराब

सागर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देशों के बाद सागर जिला प्रशासन और पुलिस की टीम लगातार कड़े कदम उठा रही है। जिले में चाहे कोई राजनीतिक हस्ती हो या बड़ा कारोबारी, नियमों का उल्लंघन करने पर सभी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।

शुक्रवार, 11 सितंबर को जिला प्रशासन, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने नेशनल हाईवे-44 और सागर-कानपुर हाईवे पर स्थित रसूखदारों के कई प्रसिद्ध रिसॉर्ट्स, होटल्स और रेस्टोरेंट्स पर सरप्राइज रेड की। निरीक्षण के दौरान भारी गंदगी, स्वास्थ्य नियमों की अवहेलना, फायर एनओसी और डायवर्जन जैसे जरूरी वैधानिक दस्तावेजों के अभाव के चलते 5 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को मौके पर ही सील कर दिया गया।

🚫 किचन में गंदगी और बिना कागजात चल रहे थे प्रतिष्ठान, सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि मिलावटखोरी, बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन और राजस्व नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ अभियान जारी है। ग्राम रूसल्ला और बहेरिया इलाके में संचालित नामी रिसॉर्ट और ढाबों पर छापेमारी के दौरान पाया गया कि बेहद गंदे किचन में खाना पकाया जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा हो सकता था।

  • एनएच-44 (रूसल्ला): एक प्रमुख रिसॉर्ट के किचन से खाद्य सुरक्षा अधिकारी शीतल सिंह ने पनीर, चटनी, दाल और मूंगफली के सैंपल लिए। रिसॉर्ट संचालन के वैध दस्तावेज मौके पर नहीं मिले।

  • सागर-कानपुर मार्ग (बहेरिया): खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप वर्मा ने एक रेस्टोरेंट से अजवाइन, बटर और चिकन के सैंपल लिए। यह रेस्टोरेंट बिना किसी फूड रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहा था।

  • एनएच-44 (बामोरा): एक मशहूर ढाबे से पनीर और तुअर दाल के नमूने लिए गए। यहां भी सुरक्षा मानकों और संचालन से संबंधित लाइसेंस गायब पाए गए।

📄 न फायर एनओसी, न डायवर्जन परमिशन: राजस्व नियमों की गंभीर अनदेखी

कलेक्टर प्रतिभा पाल के अनुसार, संयुक्त टीम की इस प्रशासनिक जांच में सील किए गए किसी भी प्रतिष्ठान के संचालक मौके पर जरूरी स्वीकृतियां और कानूनी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए।

प्रतिष्ठान संचालक न तो फायर एनओसी (Fire NOC) दिखा सके और न ही उनके पास भवन निर्माण अनुमति, स्थानीय निकाय लाइसेंस, भूमि डायवर्जन आदेश और टी एंड सीपी (T&CP) स्वीकृत ले-आउट मौजूद था। इन सभी वैधानिक और सुरक्षा मापदंडों के उल्लंघन के कारण प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से 5 बड़े रिसॉर्ट और होटल्स को अस्थाई रूप से सील कर दिया है।

🍾 रानीपुरा के जंगलों में लावारिस मिली 30 लाख रुपये की ब्रांडेड शराब, पिकअप वाहन की तलाश जारी

एक तरफ जहां हाईवे के होटल्स और रिसॉर्ट्स पर प्रशासन की छापेमारी चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ इसी क्षेत्र के पास स्थित ग्राम चिटाई से 10 किमी दूर रानीपुरा के जंगलों में भारी मात्रा में लावारिस शराब मिलने से सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने एक 407 पिकअप वाहन से जंगल में शराब की पेटियां फेंकते हुए देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।

थाना प्रभारी अनूप सिंह ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को विभिन्न ब्रांडेड कंपनियों की महंगी शराब लावारिस हालत में मिली है। आशंका जताई जा रही है कि छापेमारी के डर से शराब माफिया इसे जंगल में फेंककर भाग निकले। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 25 से 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस गाड़ी के नंबर और शराब तस्करों का सुराग जुटाने में लगी है।

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