लाइसेंसी ठेकों से बेची जा रही थी मौत की शराब! सागर पुलिस ने जब्त की डाई मशीन और हजारों बोतलें

सागर के बंडा में जहरीली शराब कांड का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुरैना, ग्वालियर और दिल्ली तक फैले इस गिरोह के 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया है।

Sep 19, 2026 - 21:19
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लाइसेंसी ठेकों से बेची जा रही थी मौत की शराब! सागर पुलिस ने जब्त की डाई मशीन और हजारों बोतलें

सागर। बंडा इलाके में कई निर्दोष लोगों की जान लेने वाली जहरीली व नकली शराब सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सागर पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस गिरोह के तार मध्य प्रदेश के मुरैना, ग्वालियर से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक जुड़े हुए थे।

मामले की जांच कर रही पुलिस ने गिरोह के 9 मुख्य सदस्यों सहित अब तक कुल 37 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में 52 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकली शराब की बोतलें बनाने की 4 डाई मशीनें, बोतल के ढक्कन सील करने की मशीन, 11,050 खाली बोतलें और 250 कैप्सूल जब्त किए हैं।

🍾 लाइसेंसी शराब ठेकों की आड़ में रची गई खौफनाक साजिश: पार्टनरों ने मिलाया हाथ

सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 6 सितंबर 2026 को बंडा थाना क्षेत्र के कुछ गांवों में जहरीली शराब पीने से मौतें हुई थीं।

जांच में सामने आया कि आरोपी रवि लखेरा ने अपने साथियों मनीष लोधी, यशवंत ठाकुर और आशीष साहू के साथ मिलकर नकली शराब बनाकर लाइसेंसी शराब दुकानों के जरिए बेचने का प्लान बनाया था। गिरोह के सदस्य चंदू राजा उर्फ चंद्रभान ने विनायका स्थित शराब दुकान के लाइसेंसी सिद्वार्थ कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष उर्फ यशवंत ठाकुर से सांठगांठ कर दुकानों में अघोषित पार्टनरशिप की थी, ताकि नकली शराब बिना किसी शक के आसानी से बेची जा सके।

🚚 मुरैना और दिल्ली से मंगवाया गया केमिकल व कच्चा माल: ततरवारा गांव में बनी 'मौत की शराब'

पुलिस के अनुसार, स्थानीय आरोपियों ने मुरैना के शातिर अपराधी दिनेश शिवहरे और उसकी टीम को ततरवारा गांव में नकली शराब बनाने का न्योता दिया था।

दिनेश शिवहरे अपने सहयोगियों और कार के जरिए मुरैना से बंडा पहुँचा। उसने ग्वालियर के ट्रांसपोर्ट से शराब की बोतलों के रैपर और ढक्कन मंगवाए। सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि शराब बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया खतरनाक लिक्विड (इंडस्ट्रियल स्पिरिट/थिनर) दिल्ली से 5 ड्रमों में सागर भेजा गया था। ततरवारा में चंदू राजा के घर पर यह जहरीली शराब बनाई गई और फिर आसपास के गांवों—नौराज, गूगरा, छापरी, जगथर, बमूराभेड़ा और पाटन के कमीशनखोरों के जरिए ग्रामीणों को बेची गई।

👁️ जहरीली शराब पीकर मुख्य आरोपी की मौत, दूसरा आरोपी हुआ अंधा: भंडाफोड़ के डर से भागा गिरोह

इस जहरीली शराब का असर इतना जानलेवा था कि खुद इसे बनाने वाला मुख्य आरोपी दिनेश शिवहरे और उसका साथी देवा जाटव भी इसकी चपेट में आ गए।

दोनों ने इस शराब का सेवन किया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें भोपाल के बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब आरोपियों को अहसास हुआ कि शराब जहरीली बन चुकी है और वे पकड़े जा सकते हैं, तो उन्होंने दिनेश शिवहरे को गंभीर हालत में अपनी रिस्क पर अस्पताल से डिस्चार्ज कराया। मुरैना ले जाते समय रास्ते में ही दिनेश की मौत हो गई, जबकि आरोपी देवा जाटव की आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई और वह अंधा हो गया।

🏭 दिल्ली से केमिकल सप्लायर गिरफ्तार: ग्वालियर और मुरैना में पुलिस की बड़ी छापेमारी

मामले की तह तक पहुँचने के लिए सागर पुलिस की टीमों ने ग्वालियर, मुरैना और दिल्ली में ताबड़तोड़ छापेमारी की।

मुरैना से मुख्य आरोपी के भाई ललित शिवहरे, विक्रम जाटव, राजकुमार जाटव और टिंकू जाटव को पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर ग्वालियर के बहोड़ापुर (जेवरा का पुरा) से 11,050 खाली बोतलें और बॉम्बे ब्रांड की डाई मशीनें बरामद की गईं। वहीं, दिल्ली पहुँची पुलिस टीम ने इंडस्ट्रियल स्पिरिट भेजने वाले केमिकल फर्म के मालिक अनुपम गिरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह इससे पहले भी प्रदेश के कई अन्य जिलों में अवैध शराब का बड़ा नेटवर्क चला रहा था।

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